
देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) को पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और लीक-प्रूफ कराने के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक सुरक्षा प्लान तैयार किया है। देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और परीक्षा की साख को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एक अभूतपूर्व ‘सिक्योरिटी लॉकडाउन’ लागू किया गया है। भारत के 551 शहरों में फैले हजारों केंद्रों तक बिना किसी गड़बड़ी के पेपर पहुंचाने की जिम्मेदारी देश की सबसे भरोसेमंद सुरक्षा एजेंसियों को सौंपी गई है। इस महामिशन में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ-साथ भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को भी शामिल किया गया है, जिसने इस पूरे ऑपरेशन को एक सैन्य मिशन की तरह संवेदनशील बना दिया है।
हवाई मार्ग से उड़ेंगे प्रश्नपत्र, एयरफोर्स के विशेष विमानों की ली जा रही है मदद
नीट परीक्षा के पेपरों को देश के सुदूर और संवेदनशील इलाकों में समय पर और पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाने के लिए इस बार भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। मुख्य प्रिंटिंग प्रेस से लेकर कस्टोडियन बैंकों और स्ट्रॉन्ग रूम तक पेपरों को ट्रांसफर करने के लिए एयरफोर्स के सुरक्षित हवाई रूटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सड़क मार्ग पर होने वाले किसी भी संभावित खतरे या समय की बर्बादी से पूरी तरह बचा जा सकेगा। हवाई अड्डों पर लैंडिंग के तुरंत बाद पेपरों के बक्से सीधे कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिए जाते हैं, जिससे परिंदा भी वहां पर नहीं मार सकता।
CISF और CRPF के कमांडो संभालेंगे जमीनी मोर्चा, स्ट्रॉन्ग रूम बने अभेद्य किले
जमीन पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और उनकी आवाजाही को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है। हर शहर में जिन चुनिंदा बैंकों और सरकारी खजानों को ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ बनाया गया है, वहां चौबीसों घंटे थ्री-लेयर सिक्योरिटी कमान काम कर रही है। इन स्ट्रॉन्ग रूम्स में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसका सीधा कंट्रोल रूम दिल्ली में बनाया गया है। परीक्षा के दिन बैंकों से परीक्षा केंद्रों तक पेपर ले जाने वाली गाड़ियों के साथ सीआरपीएफ के कमांडो की विशेष एस्कॉर्ट टीमें मौजूद रहेंगी, जो यह सुनिश्चित करेंगी कि रास्ते में कोई भी गाड़ी को रोक या छू न सके।
डिजिटल लॉक और जीपीएस ट्रैकिंग से लैस हैं बक्से, ऐसे काम करेगी हाई-टेक तकनीक
सुरक्षा बलों के कड़े पहरे के साथ-साथ इस बार आधुनिक तकनीक का भी जबर्दस्त इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी प्रश्नपत्रों को जिन विशेष ट्रकों और बक्सों में रखा गया है, वे हाई-टेक डिजिटल लॉक और रियल-टाइम जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम से लैस हैं। इन बक्सों को एक निश्चित समय से पहले और बिना अधिकृत डिजिटल चाबी (OTP आधारित प्रणाली) के खोला ही नहीं जा सकता। यदि कोई गाड़ी अपने तय रूट से जरा भी भटकती है या बक्से के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की कोशिश होती है, तो मुख्य नियंत्रण कक्ष में तुरंत ऑटोमैटिक अलार्म बज जाएगा और पूरी सुरक्षा टीम एक्टिव हो जाएगी। इस लीक-प्रूफ और अभेद्य सुरक्षा चक्र को देखकर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार नीट परीक्षा बिना किसी विवाद के पूरी तरह निष्पक्ष माहौल में संपन्न होगी।
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