
सेहत और फिटनेस को लेकर देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद दिलचस्प और आंखें खोलने वाली रिपोर्ट सामने आई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के पुरुष पहले के मुकाबले अपनी फिटनेस को लेकर ज्यादा गंभीर हुए हैं और उनके मोटापे के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन दूसरी तरफ, दिल्ली की महिलाओं में वजन बढ़ने और मोटापे (Obesity) की समस्या कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ गई है।
इस सर्वे में 15 से 49 साल की उम्र के लोगों की जीवनशैली और शारीरिक बनावट पर रिसर्च की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जहां पुरुषों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) बेहतर हुआ है, वहीं महिलाओं की सेहत में गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।
आंकड़ों की नजर में: दिल्ली बनाम पूरे देश का हाल
नीचे दी गई तालिका से आप आसानी से समझ सकते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली और पूरे भारत में पुरुषों व महिलाओं के मोटापे (25 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर या उससे ज्यादा BMI) के आंकड़ों में क्या बदलाव आया है:
नोट: हालांकि दिल्ली के पुरुषों के फिटनेस लेवल में सुधार एक अच्छी खबर है, लेकिन अगर पूरे देश के स्तर पर देखा जाए तो भारत में स्त्री और पुरुष दोनों में ही मोटापे के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
महिलाओं में क्यों बढ़ रहे हैं मोटापे के मामले?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं के बीच मोटापे के इन आंकड़ों में बढ़ते अंतर के पीछे कई सामाजिक और शारीरिक कारण जिम्मेदार हैं:
-
बदलता प्रोफेशनल रूटीन: आज के समय में महिलाएं जॉब और बिजनेस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। लेकिन इसके साथ ही उनकी ‘सिटिंग जॉब’ (लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करना) का ट्रेंड भी बढ़ गया है, जिससे फिजिकल एक्टिविटी न के बराबर हो जाती है।
-
खुद की सेहत को नजरअंदाज करना: घर संभालने वाली या कामकाजी महिलाएं अक्सर अपने पूरे परिवार के खानपान और स्वास्थ्य पर तो पूरा ध्यान देती हैं, लेकिन अपनी खुद की डाइट और एक्सरसाइज को सबसे आखिरी पायदान पर रख देती हैं।
-
हार्मोनल असंतुलन: महिलाओं में पुरुषों की तुलना में हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते हैं। लाइफस्टाइल खराब होने के कारण पीसीओएस (PCOS), थायराइड और इनफर्टिलिटी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं, जो सीधे तौर पर शरीर में फैट (चर्बी) को जमा करने का काम करती हैं।
सबसे बड़ा खतरा: वजन कम होने का मतलब ‘फिटनेस’ नहीं है!
इस सर्वे में एक और बेहद चिंताजनक बात सामने आई है। भले ही दिल्ली के पुरुषों की बॉडी शेप बेहतर हुई हो, लेकिन लोगों में ब्लड शुगर (Diabetes) का बढ़ता स्तर एक बड़ी मेडिकल चिंता बन चुका है। डॉक्टरों का कहना है कि बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर उनका वजन कम है या वे पतले दिखते हैं, तो वे पूरी तरह फिट हैं। लेकिन कई रिसर्च बताती हैं कि अगर आपकी ‘मेटाबॉलिक हेल्थ’ (मेटाबॉलिज्म रेट) बिगड़ी हुई है, तो आप बाहर से पतले दिखने के बावजूद अंदर ही अंदर डायबिटीज की चपेट में आ सकते हैं। मोटापा और बढ़ता शुगर लेवल इस बात का साफ संकेत है कि शरीर का अंदरूनी सिस्टम सुस्त पड़ रहा है।
फिट रहने और मोटापे को मात देने के 3 अचूक उपाय
अगर आपका रूटीन भी ऐसा है जिसमें दिन भर बैठे रहना पड़ता है या आपको वजन बढ़ने की चिंता सता रही है, तो आज से ही अपनी दिनचर्या में ये 3 छोटे लेकिन जादुई बदलाव जरूर करें:
-
कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी: जिम जाना जरूरी नहीं है। आप रोज सुबह या शाम को सिर्फ 30 मिनट की तेज वॉक (सैर) कर सकते हैं, योग कर सकते हैं या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने की आदत डाल सकते हैं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म बूस्ट होगा।
-
डाइट में लाएं फाइबर और प्रोटीन: अपनी थाली से रिफाइंड ऑयल, मैदा और अत्यधिक मीठी चीजों को बिल्कुल बाहर कर दें। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, अंकुरित अनाज और दालों को शामिल करें। इनमें मौजूद माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शरीर की चर्बी को बढ़ने नहीं देते।
-
पानी पीने का सही नियम: दिन भर में अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से भरपूर पानी पिएं। एक वयस्क इंसान को पूरे दिन में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। यह शरीर से टॉक्सिन्स (गंदगी) को बाहर निकालता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है।
girls globe