
भारत को साल 2047 तक एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक संपन्न हुई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक का मुख्य विषय ‘विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया था।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विकसित भारत का सपना केवल केंद्र सरकार की नीतियों से पूरा नहीं हो सकता। यह लक्ष्य तभी साकार होगा जब देश का हर राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव इसे अपना एक साझा संकल्प मानकर काम करेगा। प्रधानमंत्री ने देश की 70 करोड़ युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी सामूहिक ताकत बताया और राज्यों से अपील की कि वे इस ‘जनसांख्यिकीय लाभांश’ (Demographic Dividend) को देश की तरक्की के ‘विकास लाभांश’ (Development Dividend) में बदलने के लिए मिलकर काम करें।
युवाओं और छोटे उद्योगों (MSMEs) के लिए खुलेंगे नए रास्ते
प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने राज्यों में युवाओं के कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए अधिक से अधिक नए अवसर तैयार करें।
इसके साथ ही, वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी रणनीति साझा की गई:
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FTA का लाभ उठाएं राज्य: भारत ने दुनिया के जिन प्रमुख देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, राज्यों को उन देशों से सीधे अपने यहाँ निवेश आकर्षित करने के लिए सक्रिय प्रयास करने चाहिए।
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‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP): स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल को और ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है।
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डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग: रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आज देश में अपार संभावनाएं मौजूद हैं, राज्यों को इन अवसरों का लाभ उठाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने चाहिए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चुनौती नहीं, बल्कि तरक्की का जरिया है
तकनीक के इस आधुनिक दौर में अक्सर एआई (AI) को रोजगार के लिए एक खतरे या चुनौती के रूप में देखा जाता है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस सोच को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हमें एक चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक बेहतरीन अवसर के रूप में देखना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि हम अपने नागरिकों और युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नई तकनीकों और ‘फ्यूचर-रेडी स्किल्स’ (Future-Ready Skills) से पूरी तरह लैस करें।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर दिया विशेष जोर
बदलते मौसम के मिजाज और एल नीनो (El Niño) के संभावित खतरों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने पर्यावरण और कृषि सुरक्षा को लेकर राज्यों को सतर्क किया:
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जल संरक्षण (Water Conservation): पानी की कमी से निपटने के लिए राज्यों को जल संचयन और संरक्षण की पुरानी व आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता देनी होगी।
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प्राकृतिक खेती (Natural Farming): रसायनों के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने और जमीन की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना जरूरी है।
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सामाजिक सुरक्षा पर कोऑर्डिनेशन: नशाखोरी और तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) जैसी नई सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच एक मजबूत और समन्वित नेटवर्क होना अनिवार्य है।
बैठक की ऐतिहासिक खासियत: पहली बार एक साथ दिखे सभी 28 राज्य
इस बैठक ने भारतीय राजनीति और कूटनीति में एक नया इतिहास भी रच दिया। यह देश में पहली बार था जब भारत के सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्री एक साथ नीति आयोग की इस बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा, 5 केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पीएम मोदी के 12 साल का कार्यकाल पूरा होने पर दी बधाई
बैठक के दौरान सभी मुख्यमंत्रियों और कप्तानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 साल का सफल कार्यकाल (2014 से 2026 तक) पूर्ण होने पर बधाई दी। सभी राज्यों ने वैश्विक स्तर पर चल रही भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत की आर्थिक विकास दर को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
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