
भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर यानी 50 और 60 के दशक में अपनी कातिलाना अदाओं, बेमिसाल अभिनय और हैरतअंगेज क्लासिकल डांस से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली एक ऐसी भी अदाकारा थीं, जिनका जादू उस दौर के हर बड़े सुपरस्टार पर भारी पड़ता था। हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर की पसंदीदा अभिनेत्रियों में शुमार पद्मिनी रामचंद्रन (Padmini Ramachandran) की, जिन्होंने लगभग 30 सालों तक फिल्मी परदे पर अपनी खूबसूरती और कला का ऐसा जादू बिखेरा कि लोग उनके दीवाने हो गए। महज 16 साल की बाली उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली इस हसीना ने उस दौर की सबसे बड़ी स्टार और डांसर वैजयंतीमाला को इतनी कड़ी टक्कर दी कि दोनों के बीच की ‘कैट फाइट’ और कॉम्पटीशन फिल्मी गलियारों की सबसे बड़ी सुर्खियां बन गया था। आज उनके जन्मदिन के बेहद खास मौके पर एडिटर रिंकी तिवारी की इस विशेष एंटरटेनमेंट रिपोर्ट में जानिए ‘नृत्य की ज्वाला’ कही जाने वाली पद्मिनी की जिंदगी के कुछ बेहद दिलचस्प और अनसुने किस्से।
16 की उम्र में धमाकेदार डेब्यू और 250 फिल्मों का सफर, देश ही नहीं विदेशों में भी बजवाया अपनी कला का डंका
12 जून 1932 को केरल के तिरुवनंतपुरम में जन्मीं पद्मिनी सिर्फ एक उम्दा और खूबसूरत अदाकारा ही नहीं थीं, बल्कि वह भरतनाट्यम की एक बेहद असाधारण और कुशल नृत्यांगना भी थीं। साल 1948 में जब वह महज 16 साल की थीं, तब उन्हें फिल्म ‘कल्पना’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने का मौका मिला। अपनी पहली ही फिल्म में उन्होंने एक डांसर की भूमिका निभाई और परदे पर आते ही छा गईं। पद्मिनी की प्रतिभा का दायरा सिर्फ बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं था, उन्होंने हिंदी के साथ-साथ मलयालम, तमिल और तेलुगु सिनेमा में भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। इतना ही नहीं, उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि उन्होंने रूसी (रशियन) फिल्मों में भी काम किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा का मान बढ़ाया। अपने पूरे करियर में उन्होंने साउथ से लेकर बॉलीवुड तक लगभग 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय की अमिट छाप छोड़ी।
राज कपूर से लेकर शम्मी कपूर तक, हर बड़े सुपरस्टार के साथ जमी जोड़ी
पद्मिनी उस दौर की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से थीं, जिनके साथ काम करने के लिए बड़े से बड़ा सुपरस्टार बेताब रहता था। उन्होंने बॉलीवुड के महानायक राज कपूर, सदाबहार अभिनेता शम्मी कपूर, साउथ सिनेमा के दिग्गज और रेखा के पिता जेमिनी गणेशन, एनटी रामा राव (NTR) से लेकर शिवाजी गणेशन जैसे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और दिग्गज अभिनेताओं के साथ स्क्रीन शेयर की। राज कपूर के साथ तो उनकी जोड़ी को दर्शकों का बेइंतहा प्यार मिला। परदे पर उनकी एंट्री होते ही सिनेमाघरों में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठती थी, खासकर जब फिल्मों में उनके डांस नंबर आते थे, तो लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे। यही वजह थी कि तमिल सिनेमा में उन्हें आदर और प्यार से ‘नृत्य की ज्वाला’ (The Flame of Dance) की उपाधि दी गई थी।
वैजयंतीमाला संग बॉक्स ऑफिस पर छत्तीस का आंकड़ा, ‘राज तिलक’ के सेट पर दिखा ऑन-स्क्रीन कॉम्पटीशन
50 के दशक में जब पद्मिनी ने फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से अपने कदम बढ़ाए, उस वक्त मशहूर अभिनेत्री वैजयंतीमाला अपने डांस और अभिनय के दम पर फिल्म इंडस्ट्री की नंबर वन क्वीन बनी हुई थीं। लेकिन पद्मिनी के आते ही वैजयंतीमाला के साम्राज्य को कड़ी चुनौती मिलने लगी। फिल्मी गलियारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह खबरें आम हो गईं कि कॉम्पटीशन की वजह से इन दोनों महान नृत्यांगनाओं के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहता है। दोनों के बीच की यह तनातनी और डांस का मुकाबला राज कपूर की मशहूर फिल्म ‘राज तिलक’ में साफ तौर पर ऑन-स्क्रीन भी देखने को मिला, जहां दोनों ने एक-दूसरे को टक्कर देते हुए बेहद कड़ा डांस मुकाबला किया था। हालांकि, रीयल लाइफ में दोनों ही अभिनेत्रियों ने कभी भी अपनी इस कथित लड़ाई या मतभेद पर खुलकर कोई बात नहीं की और हमेशा एक-दूसरे के प्रति कूटनीतिक गरिमा बनाए रखी। सिनेमा के इतिहास में पद्मिनी का नाम हमेशा एक ऐसी ‘नृत्य की ज्वाला’ के रूप में अमर रहेगा, जिसने भारतीय नृत्य कला को एक नए मुकाम पर पहुंचाया।
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