नासिक। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक बीपीओ सेंटर में सामने आए कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में सबसे चर्चित चेहरा वहां की कथित ‘HR हेड’ निदा खान का है, जो फिलहाल पुलिस की पहुंच से बाहर है। महाराष्ट्र पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
इस बीच, टीसीएस (TCS) ने निदा खान के पद को लेकर चल रही खबरों पर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है, जिसने जांच की दिशा को एक नया मोड़ दे दिया है।
HR हेड नहीं, सिर्फ टेलीकॉलर थी निदा खान
अभी तक मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं में निदा खान को कंपनी की एचआर हेड या मैनेजर बताया जा रहा था। लेकिन टीसीएस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निदा खान कंपनी में किसी बड़े पद पर नहीं थी। वह वहां केवल एक टेलीकॉलर के रूप में काम कर रही थी।
नासिक में दर्ज नौ एफआईआर में से पहली रिपोर्ट में ही निदा खान का नाम प्रमुखता से आया था। उस पर महिला और पुरुष कर्मचारियों को निशाना बनाने वाले एक संगठित समूह का हिस्सा होने का गंभीर आरोप है। पुलिस का मानना है कि निदा की गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चल सकेगा कि वह इस कथित नेटवर्क में कितनी गहराई तक शामिल थी।
ड्रेस कोड से लेकर नमाज तक: क्या हैं गंभीर आरोप?
जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। एफआईआर के अनुसार, मामला केवल ऑफिस पॉलिटिक्स या उत्पीड़न तक सीमित नहीं है। पीड़ितों ने निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
धार्मिक ड्रेस कोड: निदा खान कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने के लिए विवश करती थी।
धर्मांतरण का दबाव: कर्मचारियों को नमाज पढ़ने, खान-पान की आदतें बदलने और धार्मिक प्रतीकों को अपनाने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
यौन उत्पीड़न: आरोप है कि एक संगठित समूह चुनिंदा कर्मचारियों का यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न करता था।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ‘टारगेटिंग’ का खेल
पुलिस जांच में एक ‘सीक्रेट’ व्हाट्सएप ग्रुप का भी पता चला है। दावा किया जा रहा है कि इस ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को चिन्हित (Target) किया जाता था और फिर उन पर धर्मांतरण या उत्पीड़न का दबाव बनाया जाता था। निदा खान भी इस ग्रुप की सक्रिय सदस्य बताई जा रही है।
अब तक 7 गिरफ्तार, आरोपी शाहरुख की पत्नी का बचाव
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक दानिश शेख, तौसीफ अटार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख और आसिफ अंसारी सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कंपनी ने भी इन सभी को निलंबित कर दिया है।
दूसरी ओर, गिरफ्तार आरोपी शाहरुख कुरैशी की पत्नी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने ‘आजतक’ से बातचीत में कहा:
“धर्मांतरण या रैकेट जैसा कोई आरोप सच नहीं है। एफआईआर में सिर्फ मजाक या बातचीत का जिक्र है। अगर 4 साल से ऐसा हो रहा था, तो किसी ने पहले शिकायत क्यों नहीं की? यह सब केवल हमारे परिवार को बदनाम करने और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश है।”
कानूनी पेंच और SIT की कार्रवाई
महाराष्ट्र की विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे डिजिटल साक्ष्य और बैंक ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस ‘धर्मांतरण रैकेट’ को कहीं और से फंडिंग मिल रही थी। फिलहाल, निदा खान की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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