पेपर लीक पर छात्रों से बात कर रहे संजय सिंह को ADM ने रोका, भड़की RJD ने पूछा…

India News Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल की खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के फायरब्रांड राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह के साथ स्थानीय एडीएम (ADM) और पुलिस प्रशासन की तीखी नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। यह पूरा विवाद बीते सोमवार (1 जून 2026) को उस समय शुरू हुआ जब संजय सिंह प्रयागराज स्थित सरकारी सर्किट हाउस में NEET पेपर लीक मामले से प्रभावित प्रतियोगी छात्रों और युवाओं के साथ संवाद करने पहुंचे थे। वे छात्रों की समस्याएं सुन ही रहे थे कि अचानक जिला प्रशासन के आला अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर धमक पड़े और चर्चा को बीच में ही रोकने का दबाव बनाने लगे। इस घटनाक्रम के बाद अब बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की भी एंट्री हो गई है और आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने इस मुद्दे पर यूपी सरकार को आड़े हाथों लिया है।

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने वीडियो शेयर कर यूपी पुलिस और प्रशासन को घेरा

प्रयागराज सर्किट हाउस में हुए इस हाई-प्रोफाइल हंगामे का वीडियो सामने आने के बाद आज मंगलवार (2 जून 2026) को आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने अपने ऑफिशियल एक्स (ट्विटर) हैंडल से इस नोकझोंक के वीडियो को रीपोस्ट किया। वीडियो शेयर करते हुए सुधाकर सिंह ने उत्तर प्रदेश शासन, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सुधाकर सिंह ने इस प्रशासनिक कार्रवाई को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताते हुए सीधे तौर पर सूबे की सरकार की नीयत को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद से ही पेपर लीक और छात्रों के हक को लेकर बहस एक बार फिर नए सिरे से तेज हो गई है।

आखिर नीट पेपर लीक की चर्चा से सरकार को क्या परेशानी है? सुधाकर सिंह का बड़ा हमला

सांसद सुधाकर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “राज्यसभा सांसद संजय सिंह जी प्रयागराज के सर्किट हाउस में NEET पेपर लीक मामले पर देश के युवाओं और छात्रों के साथ बेहद जरूरी चर्चा कर रहे थे। लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें रोकने के लिए वहां पहुंच गए। जनता और छात्रों की तरफ से मेरा सीधा सवाल यह है कि आखिर सरकार को इस जरूरी चर्चा से क्या परेशानी है? देश के लाखों-करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर और संवेदनशील मामले पर संवाद करने और जवाबदेही तय करने से सरकार आखिर क्यों परहेज कर रही है?”

सर्किट हाउस में छात्रों का दर्द सुन रहे थे संजय सिंह, प्रशासनिक दखल पर खड़े हुए सवाल

प्रतियोगी परीक्षाओं का गढ़ माने जाने वाले प्रयागराज में देश भर के लाखों छात्र नीट (NEET) जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। पेपर लीक की घटनाओं से आहत छात्रों की आवाज उठाने के लिए ही आप सांसद संजय सिंह वहां पहुंचे थे। सर्किट हाउस के कमरे में बैठकर जब वे छात्रों से उनकी समस्याओं और भविष्य की रणनीतियों पर फीडबैक ले रहे थे, तभी प्रशासनिक अधिकारियों ने वहां आकर इसे आचार संहिता, कानून व्यवस्था या नियमों का हवाला देकर बंद करने को कहा। संजय सिंह ने इसका कड़ा विरोध किया और अधिकारियों से पूछा कि क्या पीड़ित छात्रों से मिलना और उनकी आवाज उठाना अब अपराध हो गया है? इस घटना के बाद से प्रयागराज के छात्र संघों और विपक्षी दलों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।