बीसीसीआई : अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए अचानक हुई इस खतरनाक गेंदबाज की एंट्री

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने देश-विदेश के दिग्गजों और फैंस की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद आखिरकार एक ऐसा बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है, जिसने क्रिकेट गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आगामी अफगानिस्तान टेस्ट मैच के लिए शुरुआती टीम चयन के बाद से ही सेलेक्टर्स को सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा के मीडिया तक भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। टीम संयोजन और एक खास मैच विनर खिलाड़ी को नजरअंदाज करने पर सवाल उठाए जा रहे थे। इस बढ़ते दबाव और चौतरफा घिरने के बाद बीसीसीआई की चयन समिति ने अपनी गलती को सुधारते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इस महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए टीम इंडिया के सबसे घातक और अनुभवी तेज गेंदबाज को अचानक स्क्वाड में शामिल कर लिया है। बीसीसीआई के इस मास्टरस्ट्रोक के बाद जहां फैंस के बीच खुशी की लहर है, वहीं विपक्षी टीम के रणनीतिकारों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

आखिर सेलेक्टर्स को क्यों बदलना पड़ा अपना फैसला और सोशल मीडिया पर क्यों मचा था बवाल

दरअसल, जब अफगानिस्तान के खिलाफ इस टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया का एलान हुआ था, तो इस स्टार गेंदबाज का नाम गायब देखकर हर कोई हैरान रह गया था। क्रिकेट पंडितों का मानना था कि घरेलू पिचों पर इस गेंदबाज का हालिया रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और उनके पास वो धार है जो किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर सकती है। इस खिलाड़ी को ड्रॉप किए जाने के बाद बीसीसीआई पर पक्षपात और खराब टीम चयन के गंभीर आरोप लगने लगे थे। पूर्व क्रिकेटरों ने भी सेलेक्टर्स की समझ पर सवाल खड़े किए थे। लगातार बढ़ती जा रही इन तीखी आलोचनाओं और टीम के भीतर से मिले फीडबैक के बाद बोर्ड को बैकफुट पर आना पड़ा और आनन-फानन में इस गेंदबाज की टीम में वापसी का आधिकारिक रास्ता साफ किया गया।

इस मैच विनर गेंदबाज की एंट्री से मजबूत हुआ टीम इंडिया का बॉलिंग अटैक, अफगानिस्तान के लिए खड़ी हुई नई मुसीबत

इस दिग्गज गेंदबाज की टीम में वापसी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को एक नई मजबूती और गहराई मिल गई है। लाल गेंद के इस माहिर गेंदबाज के पास न सिर्फ शानदार स्विंग और सटीक यॉर्कर फेंकने की काबिलियत है, बल्कि उनके पास टेस्ट क्रिकेट का लंबा अनुभव भी है जो युवा खिलाड़ियों के काफी काम आएगा। खेल विश्लेषकों का मानना है कि अफगानिस्तान के बल्लेबाजों के लिए भारतीय उपमहाद्वीप की पिचों पर इस गेंदबाज की रफ्तार और रिवर्स स्विंग का सामना करना एक बेहद कठिन चुनौती साबित होने वाला है। इस बदलाव के बाद कप्तान और कोच के पास भी गेंदबाजी में एक बेहतरीन विकल्प मौजूद रहेगा, जिससे विरोधी टीम पर शुरुआत से ही दबाव बनाया जा सकेगा।

कप्तान और कोच की रणनीति में फिट बैठा यह खिलाड़ी, जानिए कब और कहाँ खेला जाएगा यह ऐतिहासिक मुकाबला

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खिलाड़ी को टीम में वापस शामिल कराने के लिए टीम मैनेजमेंट यानी कप्तान और मुख्य कोच ने भी सेलेक्टर्स के साथ एक विशेष चर्चा की थी। वे अपनी बॉलिंग यूनिट में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चाहते थे। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला यह टेस्ट मैच दोनों ही देशों के लिए बेहद ऐतिहासिक और खास है, क्योंकि अफगान टीम भारत की सरजमीं पर अपनी ताकत दिखाने के इरादे से उतरेगी। बीसीसीआई द्वारा अंतिम समय में लिए गए इस बड़े फैसले ने यह साबित कर दिया है कि बोर्ड टीम की मजबूती से कोई समझौता नहीं करना चाहता। अब देखना यह होगा कि आलोचनाओं के बाद टीम में लौटे यह रफ्तार के सौदागर मैदान पर अपनी गेंदबाजी से सेलेक्टर्स के इस फैसले को कितना सही साबित कर पाते हैं।