
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर एक बार फिर बेहद तीखे हो गए हैं, जिससे सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने इस बार सीधे तौर पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओपी राजभर ने सीधे सपा के गढ़ और उसकी राजनीतिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने खुले मंच से पूछ लिया कि क्या समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में सिर्फ आतंकवादी ही पैदा होते हैं? मंत्री के इस बेहद आक्रामक और सनसनीखेज तंज के बाद यूपी के राजनीतिक गलियारों में एक नया घमासान शुरू हो गया है और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इस पर पलटवार करना शुरू कर दिया है।
आखिर किस घटना को लेकर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का फूटा गुस्सा
सियासी हलकों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ जो मंत्री ओपी राजभर ने इतना बड़ा बयान दे डाला। दरअसल, सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ समय में सामने आए कुछ आपराधिक मामलों और संदिग्ध गतिविधियों के तारों को जोड़ते हुए राजभर ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों के कार्यकाल को याद दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब राज्य में सपा की सरकार रही या जिन क्षेत्रों में उनका मजबूत गढ़ रहा है, वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति हमेशा लचर रही और देश विरोधी ताकतों को कथित रूप से बढ़ावा मिला। राजभर ने इसी कानून-व्यवस्था और राष्ट्रवाद के मुद्दे को हवा देते हुए विपक्षी दल को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।
समाजवादी पार्टी के गढ़ और तुष्टिकरण की राजनीति पर साधा सीधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान ओम प्रकाश राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा हमेशा से एक खास वोट बैंक को रिझाने के लिए अपराधियों और संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों को संरक्षण देती आई है। राजभर ने दावा किया कि जब जांच एजेंसियां देश की सुरक्षा को लेकर किसी पर कार्रवाई करती हैं, तो सपा के नेता तुरंत उनके बचाव में उतर आते हैं। उन्होंने जनता के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास और सुरक्षा के मामले में सपा का ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा से संदेहास्पद रहा है, और यही वजह है कि उनके मजबूत प्रभाव वाले क्षेत्रों से इस तरह के आपराधिक और देश विरोधी तत्व निकलकर सामने आते हैं।
राजभर के इस बयान पर सपा का जोरदार पलटवार और यूपी में गरमाई चुनावी सरगर्मी
ओपी राजभर के इस बेहद तीखे और सीधे हमले के बाद समाजवादी पार्टी में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सपा के वरिष्ठ प्रवक्ताओं और नेताओं ने राजभर के इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे हताशा और ध्यान भटकाने वाली राजनीति करार दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि मंत्री अपनी सरकार की नाकामियों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे असल मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह की अमर्यादित और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे राज्य में आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों की सरगर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे दोनों पक्षों के बीच यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और भी ज्यादा तेज और आक्रामक होने वाली है।
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