फ्रिज का पानी भूल जाएंगे तपती गर्मी में भी बर्फ जैसा ठंडा रहेगा घड़े का पानी, बस अपनाएं ये 5 जादुई देसी जुगाड़

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News India Live, Digital Desk: सूरज की तपिश और पारा चढ़ते ही गले की प्यास बुझाने के लिए लोग अक्सर फ्रिज के ठंडे पानी की ओर भागते हैं। लेकिन जो सुकून और सोंधी खुशबू मिट्टी के घड़े (मटके) के पानी में मिलती है, वह फ्रिज के पानी में कहां! आयुर्वेद में भी मटके के पानी को स्वास्थ्य के लिए वरदान माना गया है। हालांकि, कई बार भीषण गर्मी के कारण मटके का पानी उतना ठंडा नहीं रह पाता जितना हम चाहते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो घबराइए मत। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे खास और पारंपरिक तरीके, जिनसे आपका मटका पूरे दिन नेचुरल ‘रेफ्रिजरेटर’ की तरह काम करेगा।

गीली बोरी या सूती कपड़े का सुरक्षा कवच

यह सबसे पुराना और असरदार तरीका है। अपने मटके के चारों ओर एक जूट की बोरी या मोटे सूती कपड़े को गीला करके लपेट दें। जैसे-जैसे कपड़े का पानी वाष्पित (Evaporate) होगा, वह मटके के अंदर की गर्मी को सोख लेगा और पानी को बर्फ जैसा ठंडा रखेगा। ध्यान रहे कि जैसे ही कपड़ा सूखने लगे, उस पर दोबारा पानी छिड़क दें।

बालू या रेत का ठंडा बिस्तर

गांवों में आज भी लोग इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। एक चौड़े मुंह वाले बर्तन या परात में साफ रेत भरें और उसे पानी से अच्छी तरह भिगो दें। अब अपने मटके को इस गीली रेत के ऊपर रखें। रेत की नमी मटके की पेंदी को ठंडी रखेगी, जिससे पानी का तापमान लंबे समय तक कम बना रहेगा।

सही जगह का चुनाव है बेहद जरूरी

मटका कहां रखा है, इसका पानी की ठंडक पर सीधा असर पड़ता है। मटके को कभी भी रसोई के गर्म कोने या धूप वाली खिड़की के पास न रखें। इसे हमेशा घर के सबसे हवादार स्थान पर रखें। जितनी ज्यादा ताजी हवा मटके की बाहरी सतह से टकराएगी, वाष्पीकरण की प्रक्रिया उतनी ही तेज होगी और पानी उतना ही ज्यादा ठंडा होगा।

मटके की सफाई और छिद्रों का रखें ख्याल

मिट्टी के मटके में छोटे-छोटे अदृश्य छिद्र होते हैं जिनसे पानी बाहर आता है और ठंडा होता है। समय के साथ इन छिद्रों में धूल या नमक जम जाता है। इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार मटके को अंदर और बाहर से बिना साबुन के, सिर्फ साफ पानी से रगड़कर धोएं। इससे मटके की ‘सांस लेने’ की क्षमता बनी रहती है।

नया मटका खरीदते समय न करें ये गलती

अगर आप नया मटका खरीदने जा रहे हैं, तो हमेशा अच्छी तरह पका हुआ और गहरे लाल रंग का मटका ही चुनें। मटके को ठोककर देखें, अगर उसमें से धातु जैसी खनक वाली आवाज आए, तो समझ लीजिए कि वह सही ढंग से पका है। अच्छी क्वालिटी की मिट्टी का मटका पानी को ज्यादा देर तक प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने में सक्षम होता है।

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