महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: अखिलेश का तंज—‘सशक्तिकरण नहीं, तुष्टिकरण’, कांग्रेस बोली—भाजपा घोल रही जहर

नई दिल्ली। संसद सत्र शुरू होने से पहले ही महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी बीच अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है।

विपक्ष का सरकार पर हमला तेज

संसद सत्र से पहले विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

कांग्रेस का आरोप—भाजपा फैला रही नफरत

वहीं कांग्रेस की ओर से भी भाजपा पर तीखा हमला बोला गया। एक कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा समाज में जहर घोलने का काम कर रही है और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय का इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल उठते रहे हैं।

संसद सत्र से पहले बढ़ा सियासी तापमान

संसद सत्र शुरू होने से पहले ही इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए एकजुट होते दिख रहे हैं, जबकि भाजपा अपने फैसले को ऐतिहासिक कदम बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह जोरदार तरीके से उठने की संभावना है।

महिला आरक्षण पर क्यों मचा है बवाल?

महिला आरक्षण को लेकर लंबे समय से देश में बहस चलती रही है। एक ओर इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे चुनावी रणनीति करार दे रहा है। इसी टकराव ने अब सियासी बयानबाजी को तेज कर दिया है।