
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए अगले 24 से 48 घंटों को बेहद संवेदनशील बताते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है। भीषण उत्तर भारत को पिछले कई दिनों से झुलसा रही कड़ाके की गर्मी और लू के दौर के बीच अचानक मौसम ने करवट बदल ली है। मौसम विभाग के मुताबिक, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और मॉनसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भयंकर चक्रवाती आंधी, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश की आशंका है। इस अचानक बदलाव से अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन स्थानीय तूफानों के कारण सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पश्चिमी यूपी में 100 किमी/घंटे की रफ्तार से तबाही की आशंका
उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग का अनुमान काफी डराने वाला है। राज्य के 56 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ कई जिलों में भारी बारिश और ओले गिरने (ओलावृष्टि) की प्रबल आशंका है, जिससे फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में 70 की स्पीड से चलेगी आंधी और गिरेंगे ओले
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। तेज हवाओं और बौछारों के चलते दिल्ली की हवा सुधरकर ‘संतोषजनक’ श्रेणी में पहुंच गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि आज यहां 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ आ सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की भी चेतावनी है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट आएगी।
बिहार और झारखंड में प्री-मॉनसून का तांडव, भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम उग्र रूप धारण कर चुका है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार और झारखंड दोनों ही राज्यों में आज 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका जताई गई है। झारखंड में तो 5 जून तक लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों का मौसम भी काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। पहाड़ों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने और सड़क यातायात प्रभावित होने की चेतावनी जारी की गई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचे पहाड़ी इलाकों और संवेदनशील रास्तों पर न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार तेज, अरब सागर में दी दस्तक
इन सब के बीच राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, मॉनसून ने अरब सागर, लक्षद्वीप, कोमोरिन और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में अपनी मजबूत दस्तक दे दी है। अगले 4 से 5 दिनों के भीतर मॉनसून के केरल और तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन चुकी हैं। मॉनसून के इसी सक्रिय प्रवाह के कारण उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में समय से पहले मौसम ने यह बड़ी करवट ली है।
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