News India Live, Digital Desk : आज की सुस्त लाइफस्टाइल में खुद को फिट रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि उन्हें वजन कम करने के लिए जिम जाना चाहिए, कार्डियो करना चाहिए या योग का सहारा लेना चाहिए। ‘Aatm Yoga Studio’ की योग एक्सपर्ट विद्या झा के अनुसार, फिटनेस का कोई एक ‘शॉर्टकट’ नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए वर्कआउट के विभिन्न रूपों का तालमेल और निरंतरता ही असली कुंजी है।
कार्डियो एक्सरसाइज: कैलोरी बर्न करने का पावरहाउस
कार्डियो का नाम सुनते ही अक्सर लोग इसे जिम की मशीनों से जोड़ लेते हैं, लेकिन इसके लिए किसी भारी मशीन की जरूरत नहीं है।
क्या है कार्डियो: तेज चलना (Brisk Walking), दौड़ना, साइकिल चलाना या रस्सी कूदना कार्डियो के अंतर्गत आता है।
फायदा: यह कैलोरी को तेजी से बर्न करता है और हृदय स्वास्थ्य (Heart Health) में सुधार करता है। अगर आपका लक्ष्य तेजी से वजन घटाना है, तो कार्डियो आपके रूटीन का हिस्सा होना चाहिए।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (जिम वर्कआउट): शरीर को देगा सही शेप
जिम में की जाने वाली स्ट्रेंथ ट्रेनिंग केवल बॉडी बिल्डिंग के लिए नहीं, बल्कि शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी है।
फायदा: इससे मांसपेशियां (Muscles) मजबूत होती हैं और शरीर टोन होता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है, जिससे आप आराम करते समय भी कैलोरी बर्न करते हैं।
योग और स्ट्रेचिंग: लचीलेपन का वरदान
एक्सपर्ट विद्या झा के अनुसार, केवल ताकत और कैलोरी बर्न करना ही फिटनेस नहीं है।
महत्व: स्ट्रेचिंग और योग शरीर को लचीला (Flexible) बनाते हैं। यह न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि मांसपेशियों को चोट (Injury) लगने से भी बचाता है।
परफेक्ट वर्कआउट रूटीन: क्या है एक्सपर्ट की राय?
विद्या झा के अनुसार, एक संतुलित रूटीन ही आपको लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है:
कितनी देर करें वर्कआउट: स्वस्थ रहने के लिए रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट एक्सरसाइज करनी चाहिए। यदि समय कम है, तो 20 मिनट ही करें लेकिन ‘रोजाना’ करें।
मिक्स वर्कआउट का जादू: हफ्ते में 3 दिन कार्डियो और 2 से 3 दिन वेट ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। इससे वजन भी कंट्रोल रहेगा और बॉडी भी टोन होगी।
नींद और आहार: एक्सरसाइज का असर तभी दिखेगा जब आप पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) लेंगे और सही खान-पान का पालन करेंगे।
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