
आज के डिजिटल दौर में दुनिया भर के करोड़ों लोग रोजाना जीमेल (Gmail) का इस्तेमाल करते हैं। सुबह उठने से लेकर ऑफिस के काम, कॉलेज प्रोजेक्ट्स और बैंक एकाउंट्स तक, हमारी जिंदगी का एक बहुत बड़ा हिस्सा जीमेल पर ही निर्भर है। लेकिन जरा सोचिए, क्या हो अगर आपकी नई नौकरी का जॉइनिंग लेटर, बैंक का कोई जरूरी अलर्ट या फिर किसी जरूरी ट्रांजैक्शन का ओटीपी (OTP) आपके इनबॉक्स में आने के बजाय सीधे स्पैम फोल्डर (Spam Folder) में चला जाए? ऐसा बहुत से लोगों के साथ अक्सर होता है और समय पर मेल न दिखने की वजह से कई बार बड़े नुकसान भी झेलने पड़ते हैं।
अगर आप भी इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। गूगल ने खुद अपनी ऑफिशियल गाइडलाइन में इस सिरदर्द से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाने का एक बेहद आसान समाधान साझा किया है। कंपनी के अनुसार, अपने जीमेल अकाउंट में सिर्फ तीन छोटे बदलाव करके आप इस परेशानी से पूरी तरह मुक्ति पा सकते हैं।
आखिर क्यों इनबॉक्स की जगह स्पैम में चले जाते हैं जरूरी ईमेल?
गूगल के आधिकारिक सपोर्ट पेज के मुताबिक, जीमेल का अपना एक ऑटोमैटिक सिक्योरिटी सिस्टम होता है जो आपके अकाउंट को फ्रॉड, वायरस और अनचाहे विज्ञापनों (Spam) से सुरक्षित रखता है। लेकिन कई बार यह सिस्टम जरूरत से ज्यादा सतर्कता बरतने के चक्कर में आपके काम के ईमेल को भी गलती से स्पैम मान लेता है।
ऐसा ज्यादातर तब होता है जब मेल भेजने वाला व्यक्ति या संस्था आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल नहीं होती है। इसके अलावा, यदि आपने भूतकाल में कभी गलती से उस सेंडर के किसी मेल को स्पैम के रूप में चिह्नित (Mark as Spam) कर दिया था, या फिर आपके अकाउंट की गलत फिल्टर सेटिंग्स एक्टिव हैं, तो जीमेल आने वाले सभी नए मेल्स को सीधे इनबॉक्स का रास्ता दिखाने के बजाय स्पैम फोल्डर में फेंक देता है।
1. ‘नॉट स्पैम’ मार्क करें और कॉन्टैक्ट लिस्ट को अपडेट करें
इस समस्या को ठीक करने का सबसे पहला और तुरंत असर करने वाला तरीका यह है कि आप अपने जीमेल के स्पैम फोल्डर को ओपन करें। वहां मौजूद उस जरूरी ईमेल को ढूंढें जो गलती से वहां पहुंच गया है। ईमेल को खोलने के बाद ऊपर की तरफ आपको “Not Spam” (स्पैम नहीं है) का एक विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक कर दें। ऐसा करते ही वह ईमेल तुरंत आपके इनबॉक्स में आ जाएगा और जीमेल का सिस्टम यह समझ जाएगा कि यह सेंडर आपके लिए सुरक्षित है।
इसके तुरंत बाद एक और जरूरी काम करें— उस ईमेल एड्रेस को अपने Google Contacts में नाम के साथ सेव कर लें। जब कोई ईमेल आईडी आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव होती है, तो जीमेल का एल्गोरिदम उसे पूरी तरह भरोसेमंद मानता है और भविष्य में उस एड्रेस से आने वाला कोई भी मेल कभी स्पैम में नहीं जाता।
2. कस्टम फिल्टर बनाकर हमेशा के लिए खत्म करें झंझट
अगर किसी खास कंपनी, बैंक या व्यक्ति के ईमेल बार-बार कोशिशों के बाद भी स्पैम में ही लैंड कर रहे हैं, तो जीमेल का ‘कस्टम फिल्टर’ फीचर आपके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगा।
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डेस्कटॉप का करें इस्तेमाल: इसके लिए आपको अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर जीमेल लॉगइन करना होगा, क्योंकि एडवांस फिल्टर बनाने की यह सुविधा फिलहाल मोबाइल ऐप में उपलब्ध नहीं है।
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ऐसे बनाएं फिल्टर: जीमेल ओपन करने के बाद सर्च बार के कोने में दिए गए फिल्टर वाले आइकॉन पर क्लिक करें। वहां सेंडर का ईमेल एड्रेस दर्ज करें और ‘क्रिएट फिल्टर’ पर जाएं।
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सेटिंग्स बदलें: इसके बाद आपके सामने कई विकल्प आएंगे, जिनमें से आपको “Never send it to spam” (इसे कभी स्पैम में न भेजें) वाले बॉक्स को टिक (Select) करना है और फिल्टर को सेव कर देना है।
इस आसान सेटिंग के बाद, उस खास ईमेल एड्रेस से आने वाला हर एक जरूरी संदेश बिना किसी रुकावट के सीधे आपके मुख्य इनबॉक्स में ही दिखाई देगा। चाहे आप एंड्रॉइड यूजर हों या आईफोन यूजर, स्पैम से मेल हटाने और कॉन्टैक्ट लिस्ट अपडेट करने का काम आप अपने फोन से भी आसानी से कर सकते हैं। यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद काम का है जो हर दिन जरूरी बिजनेस मेल्स और ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स का इंतजार करते हैं।
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