CJP विवाद पर RSS का बयान, सुनील आंबेकर बोले लोकतंत्र में अलग राय से हैरान होने की जरूरत नहीं

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर चल रहे विवादों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जोर दिया है।

सुनील आंबेकर: “लोकतांत्रिक चर्चाओं को सामान्य प्रक्रिया मानें”

एएनआई (ANI) के साथ एक साक्षात्कार में सुनील आंबेकर ने कहा कि एक जागरूक समाज के रूप में भारत में सार्वजनिक चर्चाएं और अलग-अलग राय का होना पूरी तरह स्वाभाविक है। उन्होंने कहा:

  • लोकतंत्र की ताकत: भारतीय लोकतंत्र में सभी आवाजों को समाहित करने की क्षमता है। हमें किसी भी तरह की चर्चा या अलग दृष्टिकोण से हैरान नहीं होना चाहिए, इसे एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।

  • संस्थाओं पर भरोसा: जब उनसे पूछा गया कि क्या आरएसएस को इस मुद्दे में दखल देना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि हमारी राजनीतिक संस्थाएं, स्वतंत्र मीडिया और कानून व्यवस्था इन मामलों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। संघ को हर मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है।

CJP का बढ़ता प्रभाव और विवाद

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने विशेष रूप से Gen-Z के बीच अपनी एक खास जगह बनाई है। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या कई बड़े राजनीतिक दलों से अधिक हो गई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।

  • आरोप-प्रत्यारोप: जहां भाजपा के कुछ नेताओं ने सीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे संदिग्ध करार दिया है, वहीं सरकार ने इसके ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल को ब्लॉक करने जैसा कदम भी उठाया है। यह मामला वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

  • विपक्ष और फिल्मी हस्तियों का समर्थन: महुआ मोइत्रा, अखिलेश यादव और कीर्ति आज़ाद जैसे विपक्षी नेताओं के साथ-साथ कई बॉलीवुड हस्तियों और स्टैंड-अप कॉमेडियन्स ने भी सीजेपी के प्रति समर्थन जाहिर किया है, जिससे यह मुद्दा और अधिक सुर्खियों में आ गया है।

युवा शक्ति पर संघ का विश्वास

सुनील आंबेकर ने भारत के युवाओं पर अपनी आस्था जताते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z के मन में भविष्य को लेकर ढेरों उम्मीदें हैं। उन्हें अपने देश की प्रगति और व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। आरएसएस का मानना है कि युवा शक्ति ही भारत के लोकतंत्र को और अधिक जीवंत और मजबूत बनाने का काम करेगी।

इस बयान के साथ ही आरएसएस ने यह संदेश दिया है कि सोशल मीडिया की इन चर्चाओं को लेकर घबराने के बजाय, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थानों पर भरोसा रखना ही उचित है।