बिहार में उच्च शिक्षा की सूरत बदलेगा AEDP प्रोग्राम, स्नातक डिग्री के साथ मिलेगी ऑन-जॉब ट्रेनिंग

बिहार के कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए उच्च शिक्षा और करियर के मोर्चे पर एक बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। राज्य में उच्च शिक्षा को सीधे रोजगार और कॉर्पोरेट सेक्टर से जोड़ने के लिए सरकार ने एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब बिहार के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं पारंपरिक स्नातक (Graduation) की पढ़ाई करने के साथ-साथ अपने मुख्य विषय में ऑन-जॉब विशेषज्ञता (Specialization) भी हासिल कर सकेंगे।

इस नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को न केवल किताबी ज्ञान मिलेगा, बल्कि कंपनियों और फैक्ट्रियों में जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) यानी अप्रेंटिसशिप करने का भी मौका मिलेगा। लोकभवन (राजभवन) ने इसके लिए ‘अंडर ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम’ (AEDP) को हरी झंडी दे दी है। यह पूरी व्यवस्था इसी नए सत्र 2026 से प्रभावी रूप से लागू होने जा रही है। शुरुआती चरण में इसे राज्य के चार चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शुरू किया जा रहा है और आने वाले समय में इसका विस्तार अन्य यूनिवर्सिटीज में भी किया जाएगा।

राज्यपाल ने दी 4 वर्षीय स्नातक में मंजूरी, इन 4 विश्वविद्यालयों से होगी शुरुआत

बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन द्वारा ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ (NEP) के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUGP) को मंजूरी दिए जाने के बाद इस नए एम्बेडेड प्रोग्राम का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इसके तहत छात्र अपनी रेगुलर डिग्री के दौरान ही कंपनियों में काम सीख सकेंगे, जिससे उन्हें पढ़ाई पूरी करते ही तुरंत नौकरी मिलने में आसानी होगी।

पहले चरण में जिन चार बड़े विश्वविद्यालयों को इस योजना के लिए चुना गया है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:

  1. पटना विश्वविद्यालय (Patna University)

  2. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (Patliputra University)

  3. तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU)

  4. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU, मुजफ्फरपुर)

पढ़ाई के साथ कमाई का मौका, यूजीसी (UGC) की गाइडलाइंस पर आधारित होंगे कोर्स

इस एम्बेडेड कोर्स की सबसे अनूठी और बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन की डिग्री मिलते-मिलते इंडस्ट्री में काम करने का एक अच्छा-खासा व्यावहारिक अनुभव भी मिल चुका होगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों, प्रासंगिक उद्योगों (कंपनियों) और सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (Tripartite MoU) साइन किया जाएगा।

इससे छात्रों की स्किल डेवलप होगी, उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें ग्लोबल मार्केट के हिसाब से नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। राजभवन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना में साफ किया गया है कि ये सभी ए AEDP पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ‘अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम गाइडलाइन’ के पूर्णतः अनुरूप संचालित किए जाएंगे।

लोकभवन ने लगाई इन 7 नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर मुहर

राज्यपाल के निर्देश पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है। लोकभवन ने इस सत्र से कुल 7 ऐसे आधुनिक और जॉब-ओरिएंटेड पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी है, जो अलग-अलग स्ट्रीम के छात्रों के लिए उपलब्ध होंगे:

संकाय (Stream) नया अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड कोर्स (AEDP Course)
वाणिज्य (Commerce – B.Com)

1. बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) में विशेषज्ञता

 

2. खुदरा संचालन (Retail Operations) में मुख्य विषय

 

3. ई-कॉमर्स संचालन (E-Commerce Operations) में विशेषज्ञता

 

4. मानव संसाधन संचालन (HR Operations) में मुख्य विषय

कला (Arts – B.A) 5. विषयवस्तु एवं रचनात्मक लेखन (Content & Creative Writing) में मुख्य विषय
विज्ञान (Science – B.Sc)

6. स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन (Healthcare Management) में मुख्य विषय

 

7. डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स (Digital Electronics) में मुख्य विषय

नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत बिहार की उच्च शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, आधुनिक और पूरी तरह रोजगारपरक बनाने की दिशा में राजभवन और राज्य सरकार की इस पहल को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे नॉन-टेक्निकल (पारंपरिक बीए, बीकॉम, बीएससी) विषयों को पढ़ने वाले सामान्य छात्र भी नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) जैसे बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों का सीधा फायदा उठा सकेंगे।