तिराहे पर घर होना वरदान या अभिशाप? जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र और कैसे दूर करें इसका दिशा दोष

अपना सपनों का आशियाना बनाते समय हर कोई चाहता है कि वहां सुख, समृद्धि और शांति का वास हो। यही वजह है कि हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। वास्तु के नियमों के मुताबिक, घर हमेशा सही दिशा और उचित स्थान पर ही निर्मित होना चाहिए, क्योंकि इसका हमारे जीवन पर सीधा सकारात्मक या नकारात्मक असर पड़ता है।

अक्सर जमीन या मकान खरीदते समय लोग इस बात को लेकर बेहद असमंजस (Confused) में रहते हैं कि तिराहे (T-Junction या तीन रास्तों के मिलन वाली जगह) पर घर लेना चाहिए या नहीं? अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो चलिए विस्तार से जानते हैं कि इस बारे में वास्तु विज्ञान का क्या मत है और यदि आपका घर पहले से ही तिराहे पर है, तो उसके दोष को कैसे दूर किया जा सकता है।

वास्तु शास्त्र में क्यों अशुभ माना जाता है तिराहे का मकान?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तिराहे पर बने घर को शुभ नहीं माना जाता है। इसके पीछे का मुख्य वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण यह है कि जब तीन दिशाओं से सड़कें आकर एक जगह मिलती हैं, तो वहां से आने वाली हवा और ऊर्जा की गति बेहद तेज होती है।

सड़क से आने वाली यह नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) सीधे घर के मुख्य द्वार पर प्रहार करती है। मान्यता है कि ऐसे घरों में रहने वाले लोगों को लगातार आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव, आपसी कलह और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि वास्तु में कुछ बेहद आसान और अचूक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस नकारात्मक प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर सकते हैं।

तिराहे के वास्तु दोष को दूर करने के 5 अचूक उपाय

1. मुख्य द्वार पर लगाएं ‘कॉन्वेक्स मिरर’ (उभरा हुआ शीशा)

वास्तु विज्ञान में तिराहे वाले मकान के दोष को काटने के लिए कॉन्वेक्स मिरर (Convex Mirror) यानी बाहर की तरफ उभरे हुए शीशे को बेहद चमत्कारी और प्रभावी माना गया है। इस शीशे की बनावट ऐसी होती है कि यह सामने से आने वाली किसी भी तेज और नकारात्मक ऊर्जा को टकराकर वापस लौटा देता है। इसे अपने घर के मुख्य द्वार के ठीक ऊपर बाहर की तरफ लगाएं।

2. घर के सामने तैयार करें ‘सुरक्षा कवच’

तिराहे से आने वाली सीधी और आक्रामक ऊर्जा को घर के भीतर प्रवेश करने से रोकने के लिए अपने घर के आगे एक मजबूत और थोड़ी ऊंची बाउंड्री वॉल (दीवार) बनवाएं। इसके अलावा, घर के मुख्य द्वार के सामने ऊंचे और घने पेड़-पौधे लगाना बेहद लाभकारी होता है। ये पौधे एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं और नकारात्मकता को छानकर केवल सकारात्मकता को ही घर में आने देते हैं।

3. मुख्य द्वार पर लटकाएं 7 छड़ों वाली विंड चाइम

घर के माहौल को शांत और खुशनुमा बनाए रखने के लिए मुख्य द्वार पर 7 छड़ों (7 Rods) वाली धातु की विंड चाइम (Wind Chime) लगाएं। वास्तु के अनुसार, हवा से हिलने पर विंड चाइम से निकलने वाली मधुर और संगीतमय ध्वनि वातावरण में मौजूद भारीपन और नकारात्मकता को खत्म करती है और घर में सुख-समृद्धि का संचार करती है।

4. मेन गेट की दिशा में करें थोड़ा बदलाव

यदि आप तिराहे वाले प्लॉट पर नया घर बना रहे हैं या रेनोवेशन करवा रहे हैं, तो मुख्य द्वार (Main Gate) की स्थिति पर विशेष ध्यान दें। वास्तु के मुताबिक, घर का मुख्य दरवाजा सड़क के बिल्कुल सामने (On Center) नहीं होना चाहिए। मुख्य द्वार को सड़क के केंद्र से थोड़ा दाएं (Right) या बाएं (Left) खिसकाकर बनाएं, ताकि सड़क की सीधी ऊर्जा का सीधा प्रहार घर के अंदर न हो।

5. मांगलिक प्रतीकों और पौधों का लें सहारा

घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक, ॐ (Om) या भगवान श्री गणेश की प्रतिमा लगाना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। ये पवित्र और मांगलिक प्रतीक किसी भी तरह की बुरी नजर और अला-बला को घर के भीतर आने से रोकते हैं। इसके साथ ही, मुख्य द्वार के दोनों कोनों पर नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाले पौधे जैसे तुलसी, एलोवेरा या अशोक के पौधे जरूर लगाएं।