गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक, कमान संभालते ही 7 दिन के भीतर हमास का नया चीफ मोहम्मद ओदेह ढेर

गाजा पट्टी में जारी विनाशकारी और भीषण युद्ध के बीच इजरायली वायुसेना (IAF) ने एक बेहद सटीक और पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर बड़ा हवाई हमला करते हुए हमास के नए सैन्य कमांडर मोहम्मद ओदेह को मार गिराया है। हमास के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के खिलाफ इजरायल की यह दो हफ्ते से भी कम समय में दूसरी सबसे बड़ी और घातक कामयाबी मानी जा रही है।

इस हाई-प्रोफाइल और गुप्त सैन्य अभियान की आधिकारिक पुष्टि खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक साझा बयान जारी कर की है। इजरायली सरकार ने मोहम्मद ओदेह को हमास की सबसे खूंखार सैन्य शाखा का सर्वोच्च प्रमुख और 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए आत्मघाती व ऐतिहासिक सीमा पार हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक घोषित किया है।

गाजा सिटी के रिमल इलाके में हवाई हमला, मलबे में तब्दील हुई बहुमंजिला इमारत

इजरायली खुफिया एजेंसी शिन बेत से मिले सटीक इनपुट के बाद इजरायली लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी गाजा सिटी के बेहद व्यस्त और पॉश रिमल इलाके में स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत को अपना निशाना बनाया। इजरायली वायुसेना ने इतनी सटीकता से बमबारी की कि जिस ऊपरी मंजिल पर मोहम्मद ओदेह छुपा हुआ था, वह पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस भीषण हमले में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जहां एक तरफ इजरायल के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने मोहम्मद ओदेह की मौत का कड़ा दावा किया है और शुरुआती खुफिया आकलन भी इस पर मुहर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हमास ने अपने शीर्ष कमांडर को निशाना बनाए जाने पर फिलहाल पूरी तरह चुप्पी साध रखी है और कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

कौन था मोहम्मद ओदेह? महज एक हफ्ता रहा अल-कस्साम ब्रिगेड का चीफ

मोहम्मद ओदेह का हमास की मुख्य सैन्य विंग ‘इज्ज अद-दीन अल-कस्साम ब्रिगेड’ के सर्वोच्च कमांडर के रूप में कार्यकाल इतिहास में सबसे छोटा, उथल-पुथल भरा और बदकिस्मत रहा। उसने इसी महीने 18 मई 2026 को इस खतरनाक पद की कमान संभाली थी और महज एक हफ्ते के भीतर ही इजरायली मिसाइल का शिकार हो गया।

आपको बता दें कि ओदेह से ठीक पहले इस पद पर काबिज कमांडर इज्ज अल-दीन अल-हदाद को इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने 15 मई को गाजा में उसके पूरे परिवार समेत एक हवाई हमले में ढेर कर दिया था। अल-हदाद की मौत के ठीक तीन दिन बाद हमास की मजलिस-ए-शूरा ने ओदेह को नया चीफ नियुक्त किया था। अल-कस्साम ब्रिगेड का चीफ बनने से पहले ओदेह लंबे समय तक हमास के सबसे खतरनाक ‘सैन्य खुफिया विभाग’ (Military Intelligence) का प्रमुख रह चुका था। उसे हमास के इतिहास में सबसे अनुभवी, शातिर और क्रूर सुरक्षा ऑपरेटरों में गिना जाता था।

7 अक्टूबर के हमलों का ब्लूप्रिंट किया था तैयार, इजरायली मुखबिरों का किया था सफाया

अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कई महीनों से हमास के पूरे कमांड स्ट्रक्चर को चुन-चुनकर निशाना बना रहे इजरायली हमलों के बाद ओदेह हमास की उच्च सैन्य परिषद (High Military Council) का जीवित बचा आखिरी सबसे बड़ा नेता था। इजरायली खुफिया इनपुट्स के अनुसार, ओदेह ने ही 7 अक्टूबर 2023 के हमलों का पूरा ब्लूप्रिंट और सैन्य रूपरेखा तैयार करने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी।

खुफिया विंग का चीफ रहते हुए उसने गाजा सीमा के पास स्थित इजरायली मिलिट्री बेस की बेहद संवेदनशील जानकारियां जुटाई थीं और आईडीएफ (IDF) की गाजा डिवीजन की कमजोरियों की पहचान की थी, जिसके बल पर हमास के लड़ाके इजरायल के अभेद्य सुरक्षा घेरे को तोड़कर भीतर घुसने में कामयाब रहे थे। अपने शुरुआती करियर में ओदेह हमास के आंतरिक सुरक्षा तंत्र (Internal Security) में काम करता था, जहां उसका मुख्य काम गाजा के भीतर सक्रिय इजरायली मुखबिरों और जासूसों को ढूंढकर उन्हें बेरहमी से खत्म करना था।

पहले भी हुए थे कई जानलेवा हमले, हमास के शीर्ष नेतृत्व का लगभग सफाया

इजरायल की हिट-लिस्ट में शामिल ओदेह लंबे समय से मोसाद और आईडीएफ की रडार पर था और उसे मारने के कई असफल प्रयास किए जा चुके थे। इससे पहले साल 2025 में गाजा में उसके पैतृक घर पर हुए एक भीषण इजरायली हमले में उसका बड़ा बेटा अम्र मारा गया था, लेकिन ओदेह उस वक्त भूमिगत रहकर बाल-बाल बच निकलने में कामयाब रहा था।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें लगभग 1,221 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में गाजा में जारी इजरायल के सैन्य अभियान में अब तक 72,800 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस लंबे युद्ध के दौरान इजरायल की खुफिया एजेंसी शिन बेत और सेना ने याह्या सिनवार और इस्माइल हानियेह समेत हमास के लगभग पूरे शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व का सफाया कर दिया है।