
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले देश के लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। यूपीएससी के अध्यक्ष (चेयरमैन) डॉ. अजय कुमार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए एक क्रांतिकारी सुधार की घोषणा की है। इस नए नियम के तहत, अब अभ्यर्थियों को आधिकारिक आंसर-की (Official Answer Key) के लिए महीनों लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आयोग अब प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Exam) संपन्न होने के मात्र एक सप्ताह के भीतर ही प्रोविजनल आंसर-की अपने ऑफिशियल पोर्टल पर लाइव कर देगा।
मेरठ के परीक्षा केंद्र पर पहुंचे यूपीएससी चेयरमैन, दी बड़ी राहत
यह बड़ी घोषणा स्वयं यूपीएससी चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने रविवार को मेरठ के ‘पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस’ सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के दौरान की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों को अपने प्रदर्शन का सटीक और तुरंत आकलन करने में मदद मिलेगी। छात्र बहुत जल्द आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ओएमआर (OMR) उत्तरों की सटीक जांच कर सकेंगे।
31 मई तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति, पारदर्शी बनेगी व्यवस्था
चेयरमैन के संकेतों के मुताबिक, आगामी 31 मई 2026 तक सभी अभ्यर्थी आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने उत्तर और प्रोविजनल आंसर-की देख सकेंगे। यदि किसी भी अभ्यर्थी को आयोग द्वारा जारी किए गए किसी प्रश्न या उसके विकल्प (उत्तर) को लेकर कोई संशय, शिकायत या आपत्ति है, तो वे साक्ष्यों के साथ पोर्टल पर ही उसे ऑनलाइन चुनौती दे सकेंगे।
नए नियम होंगे बेहद कड़े: अपलोड करने होंगे 3 प्रामाणिक सबूत
आयोग ने उत्तरों को चुनौती देने की प्रक्रिया को गंभीर और त्रुटिहीन बनाए रखने के लिए इस बार नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। आपत्ति दर्ज कराते समय अभ्यर्थियों को इन बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:
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सटीक विवरण: चुनौती देने वाले उम्मीदवार को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि उनके अनुसार कौन सा विकल्प सही है और उसके पीछे का तार्किक आधार क्या है।
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तीन सबूत अनिवार्य: सबसे महत्वपूर्ण और नई शर्त यह है कि अपने दावे को सच साबित करने के लिए उम्मीदवार को कम से कम तीन प्रामाणिक और विश्वसनीय स्रोतों (जैसे एनसीईआरटी, मानक संदर्भ पुस्तकें या सरकारी दस्तावेज/रिपोर्ट) के पेज और डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे।
एक्सपर्ट कमेटी करेगी फैसला: अभ्यर्थियों से प्राप्त सभी आपत्तियों और उनके द्वारा भेजे गए दस्तावेजी सबूतों की गहन समीक्षा आयोग के विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) की एक विशेष कमेटी द्वारा की जाएगी। एक्सपर्ट्स के वेरिफिकेशन और हरी झंडी मिलने के बाद ही ‘फाइनल आंसर-की’ तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर प्रीलिम्स का रिजल्ट घोषित होगा।
अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए मेरठ समेत बने 3 नए परीक्षा केंद्र
डॉ. अजय कुमार ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यूपीएससी की परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों होनहार युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर कभी कोई आंच नहीं आई है और भविष्य में भी पारदर्शिता को ही सर्वोपरि रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि आयोग का हमेशा यह प्रयास रहता है कि छात्रों को परीक्षा देने के लिए लंबी और थकाऊ यात्रा न करनी पड़े। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष देश में तीन नए शहरों को परीक्षा केंद्र (Exam Center) के रूप में जोड़ा गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर भी शामिल है। यह यूपीएससी के इतिहास में पहली बार है जब मेरठ में सिविल सेवा की परीक्षा आयोजित की जा रही है। चेयरमैन ने मेरठ जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा को लेकर की गई सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की और संतोष व्यक्त किया।
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