8th Pay Commission: ₹52,600 न्यूनतम वेतन और 4.38 फिटमेंट फैक्टर की डिमांड, IRTSA ने रखी ये बड़ी मांगें

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने केंद्रीय कर्मचारियों और विशेष रूप से रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पदोन्नति के ढांचे में बड़े बदलावों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन (Memorandum) प्रस्तुत किया है। इस मांग पत्र में न्यूनतम वेतन को मौजूदा सीमा से कई गुना बढ़ाने के साथ-साथ पदों की जिम्मेदारी और जोखिम के आधार पर अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने की सिफारिश की गई है।

न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़ाकर ₹52,600 करने का प्रस्ताव

IRTSA ने अपने मांग पत्र में सबसे प्रमुख मांग 8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) को ₹18,000 से सीधे बढ़ाकर ₹52,600 करने की रखी है। संगठन का कहना है कि वर्तमान जीवन-यापन की लागत, बढ़ती महंगाई, डिजिटल-इंटरनेट सेवाओं की अनिवार्यता, स्वास्थ्य बीमा और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के खर्चों को देखते हुए न्यूनतम वेतन का पुनर्मूल्यांकन करना अति आवश्यक हो गया है। इस बढ़ोतरी से निचले स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की जीवनशैली और वित्तीय स्थिति में सीधे तौर पर बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

ग्रेडेड फिटमेंट फैक्टर: 2.92 से 4.38 तक का फॉर्मूला

सभी कर्मचारियों पर एक ही फिटमेंट फैक्टर लागू करने की परंपरा को बदलते हुए IRTSA ने 5-स्तरीय ग्रेड आधारित फिटमेंट फैक्टर (Graded Fitment Factor) का नया फॉर्मूला पेश किया है। इसमें लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों के लिए 2.92, लेवल 6 से 8 के लिए 3.50, लेवल 9 से 12 के लिए 3.80, लेवल 13 से 16 के लिए 4.09 और लेवल 17 तथा 18 के शीर्ष पदों के लिए 4.38 के उच्चतम फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की गई है। इस वर्गीकरण का उद्देश्य अधिक जिम्मेदारी और तकनीकी जटिलता वाले पदों को उनका उचित वित्तीय लाभ प्रदान करना है।

सालाना इंक्रीमेंट 5% करने और पदोन्नति पर दोहरे लाभ की सिफारिश

वेतन में नियमित बढ़ोतरी को सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में मिलने वाली 3% की वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को बढ़ाकर 5% करने की मांग उठाई गई है। इसके अलावा, जब भी किसी कर्मचारी का प्रमोशन या अपग्रेडेशन हो, तो उसे प्रोत्साहन देने के लिए दो नोशनल या दो वार्षिक इंक्रीमेंट के बराबर वित्तीय लाभ देने की बात कही गई है। इससे कर्मचारियों के भीतर पदोन्नति पाने और बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह बढ़ेगा।

सीनियर सेक्शन इंजीनियरों को ‘Group-B’ का दर्जा देने की मांग

रेलवे के संगठनात्मक ढांचे में सुधार लाते हुए IRTSA ने मांग की है कि सीनियर सेक्शन इंजीनियरों (SSE) की जिम्मेदारियों और निर्णय लेने की क्षमता को देखते हुए उन्हें ‘Group-B Gazetted’ कैडर में शामिल किया जाए। इसके साथ ही जूनियर इंजीनियरों (JE) के शुरुआती पे मैट्रिक्स को लेवल-6 से बढ़ाकर लेवल-7 से शुरू करने का सुझाव भी दिया गया है। संगठन ने जोखिम भरे हालात में काम करने वाले रेल कर्मियों के लिए नाइट ड्यूटी अलाउंस, रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस और ओवरटाइम भत्तों के नियमों में संशोधन की भी वकालत की है।