मानसून हुआ ‘सुपर एक्टिव’! अगले 4 दिनों में 17 राज्यों में भीषण बारिश-तूफान का अलर्ट, IMD बोला- पहाड़ी इलाकों से बचें लोग

देशभर में मॉनसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 4 दिनों (11 से 14 अगस्त 2026) के लिए देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के एक साथ असर दिखाने के कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने मैदानी इलाकों में जलभराव की चेतावनी जारी की है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए पर्यटकों और यात्रियों को फिलहाल पहाड़ों की यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में बारिश का दौर, एमपी में ऑरेंज अलर्ट

मैदानी इलाकों में मॉनसून की सक्रियता का सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर के लिए मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जहां पूरे हफ्ते रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 14 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सीहोर समेत कई जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।

हिमाचल और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा, IMD की सख्त चेतावनी

पहाड़ी राज्यों में बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही और खतरा पैदा किया है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई संवेदनशील हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। मूसलाधार बारिश के चलते अलकनंदा, मंदाकिनी और व्यास जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और अचानक बादल फटने (Cloudburst) का जोखिम काफी बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईएमडी और आपदा प्रबंधन टीमों ने पर्यटकों को चारधाम मार्ग और संवेदनशील पहाड़ी ट्रेक पर यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का मौसम हाल

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले चार दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी रहेगा। असम और मेघालय के कुछ इलाकों में निचले स्थानों पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पश्चिमी भारत की बात करें तो महाराष्ट्र के कोंकण-गोवा क्षेत्र और गुजरात के तटीय जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।

सुरक्षा नियम और मौसम विभाग की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने तटीय और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या लोहे के खंभों के पास न खड़े होने की सलाह दी गई है। जिन इलाकों में बारिश के कारण विजिबिलिटी कम हो रही है, वहां वाहन चालकों से धीमी गति से गाड़ी चलाने की अपील की गई है। अगले 4 दिनों तक देश के बड़े हिस्से में मॉनसून का यह उग्र रूप जारी रहने का अनुमान है।