
देश भर में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है और आने वाले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी आफत लेकर आ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम वेदर बुलेटिन के अनुसार, कल यानी सोमवार 7 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत देश के लगभग 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और तेज आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक शक्तिशाली चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) सक्रिय बना हुआ है।
इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही भारी नमी वाली पूर्वी हवाएं और मानसूनी ट्रफ का उत्तर की ओर झुकाव पूरे उत्तर और मध्य भारत के वायुमंडल को अत्यधिक अस्थिर बना रहा है। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से मैदानी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है, जिससे कमजोर पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, पूर्वी राज्यों में आकाशीय बिजली और पहाड़ी राज्यों में भीषण भूस्खलन को लेकर प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को बादलों का भारी जमावड़ा रहने वाला है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर रुहेलखंड, तराई और पूर्वांचल के जिलों तक झमाझम बारिश और आंधी का येलो व ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। पश्चिमी यूपी के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बदायूं, पीलीभीत और अमरोहा में तेज बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
तराई और मध्य क्षेत्र के लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, सोनभद्र, ललितपुर, इटावा और गोरखपुर जनपदों में तेज बारिश के साथ 45 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
राजधानी लखनऊ में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश के स्पेल देखने को मिलेंगे। लखनऊ में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है, जिससे उमस से राहत तो मिलेगी लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। प्रयागराज और आजमगढ़ में भी गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने के आसार हैं।
बिहार में पहले से ही गंगा और गंडक नदियों के उफान के चलते बाढ़ का संकट बना हुआ है, और मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान इस संकट को और बढ़ा सकता है। 7 सितंबर को बिहार के 22 से अधिक जिलों में तेज बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।
पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, सिवान, सारण, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय और कटिहार में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूल भरी आंधी चलने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों को खुले खेतों में काम करने से बचने की सख्त हिदायत दी है।
पड़ोसी राज्य झारखंड में भी रांची, जमशेदपुर, दुमका, पलामू, गुमला, चतरा, देवघर, गोड्डा, हजारीबाग, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम और बोकारो में 7 और 8 सितंबर को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां हवाओं की गति 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। रांची का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहने की उम्मीद है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश अब जीवनदायिनी के बजाय आफत बनती जा रही है। उत्तराखंड के अधिकांश पर्वतीय जनपदों में 7 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश और 40 से 50 किमी/घंटे की आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, ऋषिकेश और हरिद्वार में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslides) और बोल्डर गिरने का अत्यधिक जोखिम है।
बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले चारधाम तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने और संवेदनशील पहाड़ी मोड़ों पर न रुकने की सलाह दी गई है। देहरादून में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
उधर हिमाचल प्रदेश के मंडी, चंबा, ऊना, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में 7 और 8 सितंबर को आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना है। मनाली में कड़ाके की ठंडक के बीच अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ, अनंतनाग, कुपवाड़ा, जम्मू, रियासी, बारामूला और किश्तवाड़ में भी 45 से 50 किमी की तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी है, जबकि श्रीनगर में पारा 29 डिग्री से 16 डिग्री के बीच रहेगा।
देश की राजधानी नई दिल्ली और एनसीआर के शहरों—नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 7 सितंबर का दिन खुशनुमा लेकिन बादलों की गर्जना से भरा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में मध्यम दर्जे की बारिश होगी और दिनभर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा। तेज हवाओं और बौछारों से वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार होगा, लेकिन व्यस्त समय में जलभराव के चलते यातायात की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य मैदानी राज्यों में पंजाब के कपूरथला, चंडीगढ़, फरीदकोट, फिरोजपुर, संगरूर, लुधियाना, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर, बरनाला और बठिंडा में 40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों—भरतपुर, करौली, झालावाड़, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं, बारां, बूंदी, दौसा, भीलवाड़ा, अलवर, जैसलमेर, उदयपुर और श्रीगंगानगर में बादलों की आवाजाही के बीच तेज बारिश की संभावना है, जबकि राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मध्य भारत में बने मौसमी चक्रवात का सीधा असर मध्य प्रदेश पर साफ नजर आ रहा है। एमपी के कटनी, विदिशा, सिवनी, दमोह, होशंगाबाद (नर्मदापुरम), खरगोन, मंडला, खंडवा, बैतूल, नरसिंहपुर, इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा और सीधी जिलों में 7 सितंबर को बादलों के जमकर बरसने का अलर्ट है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है।
पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल के हावड़ा, कालिम्पोंग, कोलकाता, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, बांकुड़ा, कूचबिहार और दुर्गापुर में भी 30 से 40 किमी/घंटा की गति वाली तूफानी हवाओं के साथ भारी वर्षा के आसार हैं। कोलकाता का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रहेगा।
इसके अलावा प्रायद्वीपीय और दक्षिणी भारत के राज्यों—ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के कारण व्यापक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
7 सितंबर को संभावित आंधी, बारिश और वज्रपात को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग ने आम नागरिकों, किसानों और यात्रियों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है:
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आकाशीय बिजली से सुरक्षा: बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के समय किसी भी हाल में खुले मैदान, खेत, तालाब के किनारे या ऊंचे पेड़ों और लोहे के खंभों के नीचे न खड़े हों। तत्काल किसी पक्के मकान में शरण लें।
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दामिनी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल: ग्रामीण क्षेत्रों में किसान और पशुपालक भारत सरकार के ‘दामिनी’ ऐप का उपयोग करें, जो बिजली गिरने से 20 से 30 मिनट पहले सटीक चेतावनी जारी करता है।
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किसानों के लिए कृषि निर्देश: खेतों में खड़ी खरीफ फसलों (धान, मक्का, दलहन) में जलभराव न होने दें और अतिरिक्त पानी की निकासी के नालों को तुरंत साफ करें। अगले 24 से 48 घंटों तक किसी भी प्रकार के कीटनाशक या रासायनिक खाद का छिड़काव रोक दें।
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सड़क यात्रा और ड्राइविंग: भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान वाहन चलाते समय गति धीमी रखें। पहाड़ी सड़कों पर रात में सफर करने से बचें और किसी भी जलमग्न पुलिया, रपटे या नदी नाले को पार करने का दुस्साहस न करें।
प्रमुख शहरों का संभावित तापमान (7 सितंबर 2026):
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दिल्ली: अधिकतम 34°C, न्यूनतम 26°C
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लखनऊ: अधिकतम 30°C, न्यूनतम 26°C
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पटना: अधिकतम 32°C, न्यूनतम 27°C
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देहरादून: अधिकतम 28°C, न्यूनतम 22°C
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रांची: अधिकतम 29°C, न्यूनतम 23°C
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भोपाल: अधिकतम 28°C, न्यूनतम 23°C
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जयपुर: अधिकतम 34°C, न्यूनतम 25°C
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कोलकाता: अधिकतम 33°C, न्यूनतम 27°C
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मनाली: अधिकतम 14°C, न्यूनतम 06°C
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श्रीनगर: अधिकतम 29°C, न्यूनतम 16°C
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