3 दिन में 600 अरब डॉलर स्वाहा, आखिर SpaceX के शेयरों में क्यों मची इतनी बड़ी बिकवाली

अंतरिक्ष की दुनिया में राज करने वाली दिग्गज कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) इस समय वित्तीय बाजारों में एक बड़े बवंडर का सामना कर रही है। एलन मस्क की इस महत्वाकांक्षी कंपनी के शेयरों में पिछले तीन दिनों के भीतर ऐसी अभूतपूर्व बिकवाली देखी गई है, जिसने निवेशकों के होश उड़ा दिए हैं। महज 72 घंटों के भीतर कंपनी की मार्केट वैल्यू से करीब 600 अरब डॉलर (लगभग 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक) साफ हो चुके हैं। इस भारी गिरावट के बाद वैश्विक बाजार से लेकर भारतीय निवेशकों के बीच भी यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि दुनिया की सबसे मूल्यवान प्राइवेट कंपनियों में से एक के शेयर कौड़ियों के भाव बेचे जाने लगे।

अचानक आई इस सुनामी के पीछे के मुख्य कारण

मार्केट एक्सपर्ट्स और इनसाइडर रिपोर्ट्स की मानें तो इस महा-बिकवाली के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई बड़े फैक्टर्स एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे पहला और बड़ा कारण कंपनी के इंटरनल वैल्यूएशन में किया गया एडजस्टमेंट माना जा रहा है। हाल ही में कंपनी के कुछ बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने के लिए सेकेंडरी मार्केट में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग शुरू की है। इसके अलावा, मस्क के अन्य प्रोजेक्ट्स जैसे एक्स (ट्विटर) और टेस्ला में चल रही वित्तीय हलचलों का असर भी स्पेसएक्स के सेंटिमेंट पर पड़ा है, जिससे निवेशकों में पैनिक सेलिंग (अफरातफरी में बिकवाली) का माहौल बन गया।

क्या स्टारलिंक और मार्स मिशन पर मंडरा रहा है खतरा

इस गिरावट के बाद यह चिंता भी जताई जा रही है कि क्या स्पेसएक्स के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स ‘स्टारलिंक’ (Starlink) और ‘मार्स मिशन’ (Mars Mission) के फंड्स में कोई कमी आने वाली है। हालिया तकनीकी चुनौतियों और वैश्विक सैटेलाइट रेगुलेशंस के कड़े होने के कारण स्टारलिंक के विस्तार की गति थोड़ी धीमी आंकी गई है। इसके साथ ही, स्टारशिप के हालिया परीक्षणों में आए भारी खर्च और रेगुलेटरी मंजूरियों में हो रही देरी ने भी बड़े इन्वेस्टर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एआई और टेक सेक्टर में आ रहे बदलावों के कारण निवेशक अब अत्यधिक जोखिम वाले लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट्स से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर रहे हैं।

क्या यह रिटेल निवेशकों के लिए खरीदारी का सही मौका है

जब भी किसी बड़ी ग्लोबल कंपनी के शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट आती है, तो भारतीय बाजार समेत दुनिया भर के रिटेल निवेशकों की नजरें उस पर टिक जाती हैं। क्या इस भारी डिस्काउंट पर स्पेसएक्स के शेयरों (या इससे जुड़ी अप्रत्यक्ष कंपनियों) में दांव लगाना समझदारी होगी? वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि स्पेसएक्स जैसी प्राइवेट और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनियों में जोखिम आम कंपनियों से कहीं ज्यादा होता है। चूंकि यह कंपनी अभी सीधे तौर पर शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और इसका कारोबार सेकेंडरी और प्राइवेट इक्विटी मार्केट्स के जरिए होता है, इसलिए आम निवेशकों को ऐसी भारी उठापटक के दौरान जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचना चाहिए और कंपनी के कैश फ्लो पर नजर रखनी चाहिए।