21 अगस्त को 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का महा-अलर्ट: यूपी, एमपी और उत्तराखंड समेत कई जगह बाढ़ की चेतावनी

देशभर में सक्रिय मानसून का दौर पूरी तीव्रता के साथ जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त को उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 14 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का महा-अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से उठे निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसूनी ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति से गुजर रही है, जिससे व्यापक स्तर पर आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और मूसलाधार वर्षा का सिलसिला तेज हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने संवेदनशील इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में 21 अगस्त को तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। बुंदेलखंड और तराई बेल्ट से सटे जिलों में प्रशासन को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी संभागों—जैसे रीवा, सागर, जबलपुर, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में ‘वेरी हेवी रेनफॉल’ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश से बेतवा, चंबल और नर्मदा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, पौड़ी और उत्तरकाशी समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, शिमला और मंडी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो चुके हैं। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और नदी-नालों में अचानक आने वाले उफान (Flash Floods) के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है। बिहार के सीमांचल और उत्तर-पूर्वी जिलों—सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भारी बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने (Thunderstorm & Lightning) का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश के आसार हैं। उधर पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में लगातार सक्रिय मानसून के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है, जिससे बाढ़ नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।

महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय इलाकों में रहेगा बारिश का जोर

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है। दूसरी ओर, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

नागरिकों और किसानों के लिए मौसम विभाग की विशेष एडवाइजरी

  • खराब मौसम और बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

  • भारी बारिश के दौरान पुराने और जर्जर भवनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा कच्चे मकानों में विशेष सावधानी बरतें।

  • जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास से गुजरने से बचें और यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय ट्रैफिक व मौसम अपडेट की जांच करें।

  • किसान भाई खेतों में पानी की उचित निकासी की व्यवस्था करें और आंधी-तूफान के समय कीटनाशकों का छिड़काव रोक दें।