15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तहलका! लगातार दो सीजन में जीतीं दो आलीशान कारें, लेकिन अभी खुद नहीं चला पाएंगे

आईपीएल 2026 का सीजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की खिताबी जीत से ज्यादा राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा ओपनिंग बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के ऐतिहासिक और जादुई प्रदर्शन के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। मैदान पर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिस गेल और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड ध्वस्त करने वाले इस ‘वंडर किड’ ने न केवल क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीता, बल्कि वे अवार्ड सेरेमनी में पूरी तरह से मालामाल हो गए। वैभव ने इस सीजन में अपनी ताबड़तोड़ हिटिंग के दम पर एक और चमचमाती कार अपने नाम कर ली है, जिसके बाद उन्होंने लगातार दो सीजन में दो कारें जीतने का अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। हालांकि, दिलचस्प और मजेदार बात यह है कि इतनी गाड़ियां जीतने के बावजूद वैभव अभी कानूनी तौर पर इनमें से किसी भी कार को खुद ड्राइव नहीं कर पाएंगे। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और इस सीजन में अवार्ड्स व सैलरी मिलाकर हुई उनकी कुल छप्परफाड़ कमाई का पूरा गणित।

आखिर क्यों अपनी ही जीती हुई चमचमाती कारों को खुद नहीं चला पाएंगे वैभव सूर्यवंशी, जानिए दिलचस्प वजह

टूर्नामेंट के समापन समारोह में वैभव सूर्यवंशी को पूरे सीजन में 237.31 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाने के लिए ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ के खिताब से नवाजा गया। इस अवार्ड के साथ ही उन्हें इनाम के तौर पर ब्रैंड न्यू टाटा सिएरा (Tata Sierra) कार तोहफे में मिली। पिछले सीजन में भी उन्होंने इसी तरह एक कार अपने नाम की थी। लगातार दो कारें जीतने के बाद भी वैभव इन्हें सड़क पर नहीं दौड़ा सकते क्योंकि उनकी उम्र अभी महज 15 साल है। भारतीय कानून के मुताबिक, देश में ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है। ऐसे में वैभव को खुद अपनी कार की स्टीयरिंग थामने के लिए अभी पूरे 3 साल का लंबा इंतजार करना होगा। तब तक उन्हें अपनी इन लग्जरी गाड़ियों के सफर का मजा ड्राइवर या अपने पैरेंट्स के साथ ही लेना पड़ेगा।

सैलरी से लेकर मैच फीस तक; सिर्फ 1.10 करोड़ में रिटेन होने वाले वैभव पर कैसे बरसा पैसा

अगर बात वैभव सूर्यवंशी की आईपीएल 2026 से हुई कुल कमाई की करें, तो इस 15 साल के किशोर ने सीनियर क्रिकेटरों को भी पीछे छोड़ दिया है। राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में वैभव को 1.10 करोड़ रुपये की बेस प्राइस पर खरीदा था और इसी रिटेनरशिप फीस पर उन्हें इस सीजन के लिए रिटेन किया गया था। लेकिन असल खेल शुरू हुआ मैच फीस से; आईपीएल नियमों के तहत मिलने वाली 7.5 लाख रुपये प्रति मैच की फीस के हिसाब से वैभव ने 14 लीग मैचों से 1.05 करोड़ रुपये कमाए। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने दो प्लेऑफ मुकाबले (क्वालीफायर और एलिमिनेटर) भी खेले, जिससे उन्हें 15 लाख रुपये अतिरिक्त मैच फीस के तौर पर मिले। यानी सिर्फ सैलरी और मैच फीस को मिला दें, तो यह आंकड़ा 2.30 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।

अवार्ड्स की लगी झड़ी; ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर बनकर झटके लाखों रुपये

मैदान पर रनों का अंबार लगाने वाले वैभव सूर्यवंशी पर फाइनल मैच के बाद अवार्ड सेरेमनी में पुरस्कारों की भारी बारिश हुई। सीजन में सर्वाधिक 776 रन बनाने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ मिली, जिसके तहत 10 लाख रुपये का इनाम दिया गया। पूरे टूर्नामेंट में सबसे शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (Player of the Tournament) चुना गया, जिसके लिए उन्हें 15 लाख रुपये का चेक मिला। इसके अलावा, वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के जड़ने के लिए ‘सुपर सिक्सेस’ अवार्ड के रूप में 10 लाख रुपये और ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ बनने के लिए भी 10 लाख रुपये का कैश प्राइज मिला। साथ ही सुपर स्ट्राइकर बनने पर 10 लाख रुपये नगद और करीब 21 लाख रुपये की टाटा सिएरा कार मिली।

कुल इतने करोड़ के मालिक बने वैभव; विज्ञापनों की दुनिया में भी रातों-रात दोगुना हुआ ब्रैंड वैल्यू

सैलरी, मैच फीस, नकद पुरस्कार और कार की कीमत को जोड़ दिया जाए, तो वैभव सूर्यवंशी ने इस अकेले आईपीएल सीजन से लगभग 3.15 करोड़ रुपये से अधिक की छप्परफाड़ कमाई की है। खेल पंडितों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि वैभव की यह कमाई तो सिर्फ शुरुआत है। इस सीजन के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद कॉर्पोरेट जगत और विज्ञापनों की दुनिया में उनका ब्रैंड वैल्यू (Brand Endorsement Fee) रातों-रात लगभग दोगुना हो चुका है। आईपीएल से ठीक पहले जहां वे हर ब्रैंड एंडोर्समेंट के लिए करीब 1 करोड़ रुपये चार्ज कर रहे थे, वहीं अब बड़ी कंपनियाँ उन्हें साइन करने के लिए 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक की भारी रकम ऑफर कर रही हैं। निश्चित रूप से, 15 साल की उम्र में इतनी बड़ी सफलता और दौलत हासिल करना भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक बेमिसाल कहानी बन चुका है।