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बंगाल में शुभेंदु सरकार के 12 दिन और 9 महा-फैसले सीएए लागू, मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शपथ लेते ही सुपर एक्टिव और ‘जबरदस्त एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। सरकार गठन के महज 12 दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री ने कई ऐसे कड़े, ऐतिहासिक और दूरगामी फैसले लागू कर दिए हैं, जिन्होंने बंगाल की पूरी प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था को बदल कर रख दिया है।

मदरसों में राष्ट्रगीत अनिवार्य करने से लेकर केंद्रीय योजनाओं को हरी झंडी देने और महिलाओं के लिए बड़ी वित्तीय सहायता शुरू करने तक, आइए जानते हैं शुभेंदु सरकार के उन 9 बड़े फैसलों के बारे में जिनका असर जमीन पर दिखने लगा है।

1. सभी मदरसों और स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य

शुभेंदु सरकार ने 19 मई को एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक आदेश जारी किया। इसके तहत राज्य के शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सहायता प्राप्त स्कूलों और सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।

2. आयुष्मान भारत समेत सभी केंद्रीय योजनाएं तत्काल लागू

ममता बनर्जी की पिछली सरकार के दौरान केंद्र सरकार की जिन कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर बंगाल में रोक लगी हुई थी, उन्हें शुभेंदु सरकार ने तत्काल प्रभाव से हरी झंडी दे दी है। इसमें सबसे प्रमुख ‘आयुष्मान भारत योजना’ है, जिसके लागू होने से अब बंगाल के लाखों गरीब परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है।

3. अटकी हुई जनगणना (Census) तुरंत शुरू करने के आदेश

पश्चिम बंगाल में पिछले काफी समय से जनगणना की प्रक्रिया रुकी हुई थी। जून 2025 में ही केंद्र सरकार ने इस संबंध में देशव्यापी आदेश जारी किया था, लेकिन तत्कालीन ममता सरकार ने इसे बंगाल में ठंडे बस्ते में डाल रखा था। नई सरकार ने सत्ता संभालते ही राज्य में जनगणना की प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर शुरू करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

4. सीमा सुरक्षा पर बड़ा कदम: BSF को सौंपी जाएगी 600 एकड़ जमीन

अवैध घुसपैठ और सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कटीली बाड़ (Fencing) लगाने के काम में तेजी लाने के लिए सरकार ने एलान किया है कि आगामी डेढ़ महीने के भीतर 600 एकड़ जमीन सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दी जाएगी। इस कदम से सालों से लंबित पड़े सीमा विवादों और सुरक्षा खामियों का स्थायी समाधान निकलेगा।

5. सीएए (CAA) की प्रक्रिया शुरू, शरणार्थियों को राहत

शुभेंदु सरकार के आते ही राज्य में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को पूरी तरह जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 31 दिसंबर 2024 तक पड़ोसी देशों से प्रताड़ित होकर भारत आए 7 अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र देने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रक्रिया के तहत आने वाले शरणार्थियों को किसी भी तरह से हिरासत में या प्रताड़ित न किया जाए।

6. केंद्रीय ट्रेनिंग के लिए भेजे जाएंगे IAS और IPS अधिकारी

प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने तय किया है कि राज्य कैडर के सभी आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) और डब्लूबीपीएस (WBPS) अधिकारियों को अब केंद्र सरकार द्वारा आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविरों (Training Camps) में भेजा जाएगा। पिछली सरकार में राजनीतिक टकराव के चलते अधिकारियों को इन केंद्रीय ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में जाने की अनुमति नहीं थी।

7. सरकारी नौकरियों की उम्र सीमा में 5 साल की बंपर छूट

बंगाल के बेरोजगार युवाओं को अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में शुभेंदु सरकार ने बड़ा तोहफा दिया था। राज्य में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ऊपरी आयु सीमा (Upper Age Limit) में सीधे 5 वर्ष की भारी छूट देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है, जिससे सालों से वैकेंसी का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं को दोबारा मौका मिल सकेगा।

8. नए केंद्रीय आपराधिक कानून और भारतीय न्याय संहिता लागू

राज्य में अब पुरानी व्यवस्था की जगह नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों को पूरी तरह लागू करने का आदेश दे दिया गया है। ब्रिटिश काल के आईपीसी (IPC) और सीआरपीसी (CrPC) की जगह अब नई भारतीय न्याय संहिता और संबंधित धाराओं को कानूनी तौर पर प्रभावी बना दिया गया है।

9. धर्म-आधारित विशेष वित्तीय सहायता बंद, शुरू होगी ‘अन्नपूर्णा योजना’

तुष्टिकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए सरकार ने घोषणा की है कि आगामी जून महीने से मदरसा विभाग और किसी भी विशिष्ट धार्मिक समूह को मिलने वाली विशेष वित्तीय सहायता (Special Grants) को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। सरकार किसी भी व्यक्ति या संस्था को धर्म के आधार पर कोई वित्तीय मदद नहीं देगी, बल्कि सभी के लिए समान रूप से कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाएंगी।

इसी कड़ी में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 1 जून से ‘अन्नपूर्णा योजना’ की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹3,000 की नकद वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय-भैंस की हत्या पर पूर्ण रोक

गोहत्या और मवेशियों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की नई बीजेपी सरकार ने साल 1950 के मवेशी संरक्षण अधिनियम (Preservation Act) और कलकत्ता हाई कोर्ट के एक पुराने आदेश का कड़ाई से हवाला दिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब पूरे राज्य में बिना पशु क्रूरता निवारण विभाग या अधिकृत डॉक्टरों के आधिकारिक ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ (Fitness Certificate) के किसी भी गाय, बछड़े या भैंस की हत्या (Slaughter) नहीं की जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।