News India Live, Digital Desk: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच आज भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों में नरमी देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने की खबरों ने कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को 7% तक बढ़ा दिया है, जिससे ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के करीब पहुँच गया है। लेकिन इसके विपरीत, डॉलर के मजबूत होने और महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से सोने की कीमतों में गिरावट आई है।
क्यों गिरा सोने का भाव?
आमतौर पर युद्ध की स्थिति में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:
मजबूत डॉलर: वैश्विक तनाव के बीच डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है, जिससे अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो गया है और मांग में कमी आई है।
महंगाई का डर: तेल की कीमतें बढ़ने से ग्लोबल लेवल पर महंगाई बढ़ने का डर है। निवेशकों को लग रहा है कि इससे केंद्रीय बैंक (जैसे US Fed) ब्याज दरों में कटौती नहीं करेंगे, जो सोने के लिए नकारात्मक है।
कच्चे तेल में ‘आग’: हॉर्मुज संकट का असर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा संभालता है। ईरान द्वारा इसे बंद करने की धमकी और अमेरिकी सैन्य हलचल के कारण वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। इसी कारण कच्चे तेल की कीमतें आज सुबह से ही रॉकेट की तरह बढ़ रही हैं।
आज आपके शहर में सोने का भाव (20 अप्रैल 2026)
भारत के प्रमुख शहरों में आज 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतें कुछ इस प्रकार हैं (अनुमानित दरें, GST अतिरिक्त):
| शहर | 24K सोना (10 ग्राम) | 22K सोना (10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,51,080 | ₹1,43,890 |
| मुंबई | ₹1,51,080 | ₹1,43,890 |
| लखनऊ | ₹1,49,470 | ₹1,42,350 |
| चेन्नई | ₹1,51,080 | ₹1,43,890 |
निवेश की सलाह: क्या करें?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति साफ नहीं होती, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो कीमतों में यह गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, खरीदारी से पहले अपने नजदीकी जौहरी या बैंक से ताजा दरों की पुष्टि अवश्य कर लें।
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