News India Live, Digital Desk: मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के बीच अब ‘डिजिटल समुद्री डाकुओं’ ने कोहराम मचा दिया है। वैश्विक शिपिंग कंपनियां, जिनके जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग में फंसे हुए हैं, अब एक बड़े क्रिप्टो-स्कैम (Crypto Scam) का शिकार हो रही हैं। जालसाज खुद को ईरानी अधिकारी बताकर जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले लाखों डॉलर की ‘क्लियरेंस फीस’ मांग रहे हैं। इस धोखाधड़ी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऐसे बुना जा रहा है ठगी का जाल
ग्रीक समुद्री जोखिम प्रबंधन फर्म MARISKS ने एक अंतरराष्ट्रीय अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि ठगों ने फंसे हुए जहाजों के मालिकों को फर्जी संदेश भेजे हैं। इन संदेशों में दावा किया जाता है कि यदि कंपनी बिटकॉइन (BTC) या टेदर (USDT) जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान करती है, तो उनके जहाज को ईरानी सुरक्षा सेवाओं द्वारा बिना किसी रोक-टोक के गुजरने दिया जाएगा।
ठगों का संदेश: “दस्तावेजों की जांच और ईरानी सुरक्षा सेवाओं द्वारा पात्रता (Eligibility) तय होने के बाद, आपको क्रिप्टो में फीस का भुगतान करना होगा। इसके बाद ही आपका जहाज पूर्व-निर्धारित समय पर सुरक्षित निकल पाएगा।”
धोखे का शिकार हुआ जहाज, झेलनी पड़ी फायरिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम एक जहाज इस झांसे में आकर भारी नुकसान उठा चुका है। शनिवार (18 अप्रैल) को एक टैंकर ने यह सोचकर जलडमरूमध्य से निकलने की कोशिश की कि उसने ‘फेक फीस’ भरकर अपनी राह साफ कर ली है। लेकिन जैसे ही जहाज आगे बढ़ा, उस पर ईरानी गश्ती नौकाओं द्वारा फायरिंग की गई, जिससे उसे वापस मुड़ने पर मजबूर होना पड़ा। क्रू को लगा था कि वे ‘प्री-क्लियर’ हैं, जबकि वे वास्तव में साइबर अपराधियों के जाल में फंस चुके थे।
हॉर्मुज: वैश्विक अर्थव्यवस्था की दुखती रग
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। वर्तमान में अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी और ईरान द्वारा जलमार्ग पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण करीब 20,000 नाविक और सैकड़ों जहाज बीच समुद्र में फंसे हुए हैं। इसी भू-राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाकर हैकर्स और स्कैमर्स शिपिंग कंपनियों को निशाना बना रहे हैं।
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी
MARISKS और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि ईरानी अधिकारियों द्वारा आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी भी क्रिप्टो-पेमेंट की मांग नहीं की गई है। कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान ईमेल या संदेश पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक राजनयिक माध्यमों का ही उपयोग करें। क्रिप्टो भुगतान करने से न केवल वित्तीय नुकसान हो रहा है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों (Sanctions) का उल्लंघन भी हो सकता है, जिससे कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई का खतरा बढ़ सकता है।
girls globe