हर नौकरीपेशा को मिलेगी पेंशन: 2047 तक 60 करोड़ वर्कफोर्स को NPS से जोड़ेगा PFRDA, जानें ‘NPS तत्काल’ और ‘NPS स्वास्थ्य’ का मेगा प्लान

भारत को ‘विकसित भारत 2047’ बनाने के राष्ट्रीय संकल्प के बीच देश की कामकाजी आबादी को वृद्धावस्था में आर्थिक संबल और पेंशन की गारंटी देने के लिए पेंशन नियामक पीएफआरडीए (PFRDA) ने अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (Pension Fund Regulatory and Development Authority) ने घोषणा की है कि वर्ष 2047 तक देश के कुल वर्कफोर्स यानी 60 करोड़ से अधिक लोगों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के दायरे में लाया जाएगा। पीएफआरडीए के चेयरपर्सन एस. रमन्ना ने स्पष्ट किया कि भारत की डेमोग्राफी को देखते हुए सार्वभौमिक पेंशन कवरेज (Universal Pension Coverage) अब केवल एक वित्तीय विकल्प नहीं, बल्कि सामाजिक अनिवार्यता बन चुका है।

इस दीर्घकालिक विजन के पहले चरण के तहत नियामक ने अगले 2 से 3 वर्षों में लगभग 2 से 4 करोड़ नए गैर-सरकारी अंशधारकों को एनपीएस से जोड़ने का तात्कालिक लक्ष्य निर्धारित किया है।

पीएफआरडीए ने अपनी रणनीति में यह साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में उसका मुख्य ध्यान गैर-सरकारी क्षेत्र (Non-Government Sector) और असंगठित कार्यबल पर केंद्रित रहेगा।

  • सरकारी क्षेत्र पहले से सुदृढ़: केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों के लिए एनपीएस का ढांचा पिछले 18-20 वर्षों से सफलतापूर्वक काम कर रहा है और लगभग पूरी तरह संतृप्त (Saturated) हो चुका है।

  • निजी क्षेत्र में 22% से 25% की तेज ग्रोथ: गैर-सरकारी सेगमेंट में एनपीएस सब्सक्राइबर्स की सालाना वृद्धि दर 22% से 25% के बीच दर्ज की जा रही है।

  • स्वरोजगार और गिग वर्कर्स को सुरक्षा: देश में करोड़ों की संख्या में मौजूद फ्रीलांसर्स, डिलीवरी पार्टनर्स, छोटे कारोबारी, दुकानदार और प्रोफेशनल अभी तक किसी भी औपचारिक पेंशन व्यवस्था से वंचित हैं, जिन्हें अब डिजिटल चैनलों के जरिए एनपीएस से जोड़ा जा रहा है।

पेंशन खाता खोलने की पारंपरिक कागजी और जटिल प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त करने के लिए नियामक ने अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म रोलआउट किए हैं:

  • NPS तत्काल (NPS Tatkal): यूपीआई (UPI) और आधार-बेस्ड ई-केवाईसी पर आधारित इस प्लेटफॉर्म के जरिए कोई भी नागरिक मात्र 2 मिनट में अपने मोबाइल से एनपीएस खाता खोल सकता है।

  • StAR NPS प्लेटफॉर्म: वितरकों, बैंकों और फिनटेक एग्रीगेटर्स के जरिए नए सब्सक्राइबर्स को ऑनबोर्ड करने की प्रक्रिया को बेहद सुगम और पारदर्शी बनाया गया है।

  • पेंशन मित्रों और एजेंटों का विस्तार: देश भर में सर्टिफाइड पेंशन सलाहकारों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर वित्तीय साक्षरता और रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके।

पीएफआरडीए की यह पेंशन योजना केवल मेट्रो शहरों या कॉरपोरेट दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे ग्रामीण भारत के अंतिम छोर तक ले जाया जाएगा।

इसके लिए नाबार्ड (NABARD) के सहयोग से कंप्यूटरीकृत और डिजिटल बनाई जा रही प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS – Primary Agricultural Credit Societies) को एनपीएस सर्विस प्वाइंट के रूप में अधिकृत किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में किसान, ग्रामीण दस्तकार और छोटे खेतिहर मजदूर अब अपनी नजदीकी पैक्स समिति के जरिए हर महीने छोटी-छोटी बचत एनपीएस में जमा कर सकेंगे, जिससे उन्हें 60 वर्ष की आयु के बाद नियमित मासिक पेंशन हासिल हो सकेगी।

बुढ़ापे में पेंशन के साथ-साथ सबसे बड़ी चिंता अस्पताल के बढ़ते बिलों और गंभीर बीमारियों के इलाज की होती है। इस दोहरी चुनौती से निपटने के लिए पीएफआरडीए ने ‘NPS स्वास्थ्य’ (NPS Swasthya) नाम से एक अभिनव उत्पाद तैयार किया है:

  • मेडिकल पेंशन अकाउंट: एनपीएस के तहत एक अलग समर्पित मेडिकल पेंशन खाता तैयार किया गया है।

  • टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस से लिंकेज: इस खाते को एक किफायती सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस से सीधे लिंक किया जाएगा।

  • कैशलेस और को-पेमेंट सुविधा: अस्पताल में भर्ती होने पर को-पेमेंट, डिडक्टिबल या गैर-कवर खर्चों का भुगतान इस मेडिकल पेंशन खाते से सीधे हो जाएगा, जबकि बाकी बड़ा खर्च टॉप-अप बीमा पॉलिसी वहन करेगी। इससे वरिष्ठ नागरिकों को अपनी मूल पेंशन या रिटायरमेंट फंड को तोड़े बिना बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, नोएडा, प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे शहरों में प्राइवेट नौकरियों और स्टार्टअप्स में काम करने वाली युवा पीढ़ी के लिए एनपीएस लंबी अवधि में धन सृजन (Wealth Creation) और पेंशन का सबसे सशक्त माध्यम है। एनपीएस में इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों का संतुलित मिश्रण मिलता है, जिसने पिछले वर्षों में 10% से 12% तक का सालाना रिटर्न दिया है। इसके अलावा आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1B) के तहत मिलने वाली ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट इसे टैक्स सेविंग का भी बेहतरीन विकल्प बनाती है।

पीएफआरडीए का 60 करोड़ लोगों को पेंशन के दायरे में लाने का यह विजन भविष्य में भारत को एक आत्मनिर्भर और सुरक्षित समाज बनाने की दिशा में गेमचेंजर साबित होगा।