
भारतीय सर्राफा बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 7 सितंबर 2026 को कीमती धातुओं के कारोबार में एक बार फिर बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोने के बाजार में सुस्ती के बीच आज चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जिससे गहने और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक घटनाक्रमों, मजबूत होती अमेरिकी अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्र से मिल रही ताज़ा मांग के कारण घरेलू बुलियन मार्केट में चांदी के दाम रॉकेट की तरह ऊपर चढ़े हैं। आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में चांदी की चमक और अधिक तेज हो गई है। निवेशकों और ग्राहकों के मन में इस समय बस यही सवाल घूम रहा है कि उनके अपने शहर में चांदी किस भाव पर बिक रही है और आने वाले दिनों में कीमती धातुओं का यह बाजार किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है। आइए देश के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा खुदरा और थोक दामों के साथ-साथ इस तेजी के पीछे की पूरी आर्थिक वजहों को विस्तार से समझते हैं।
सोमवार को चांदी की कीमतों में बंपर उछाल, बुलियन मार्केट में पहुंचा नया भाव
सप्ताह के पहले ही दिन यानी सोमवार को चांदी के हाजिर कारोबार में एक भारी-भरकम तेजी देखने को मिली है, जिससे सर्राफा कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। आधिकारिक बाजार आंकड़ों के अनुसार, आज एक झटके में चांदी के भाव में 4,329 रुपये प्रति किलोग्राम की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस भारी तेजी के बाद अखिल भारतीय बुलियन मार्केट में चांदी का औसत दाम बढ़कर सीधे 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को मुनाफावसूली और हल्की नरमी के चलते चांदी के दामों में करीब 3,433 रुपये की गिरावट आई थी और यह 2,32,639 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, लेकिन सोमवार के कारोबार ने उस सारी गिरावट को पीछे छोड़ते हुए कीमतों को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया है। यदि आप आने वाले त्योहारी सीजन या शादी-ब्याह के शुभ अवसरों के लिए चांदी के सिक्के, मूर्तियां या फैशनेबल आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपनी जेब का बजट अब काफी और अधिक बड़ा करना होगा क्योंकि बाजार का यह रुख फिलहाल तेजी की तरफ इशारा कर रहा है।
दिल्ली, यूपी और बिहार समेत देश के बड़े शहरों में क्या रहा चांदी का ताजा हाल
देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को चांदी के दामों में भारी तेजी का असर साफ तौर पर देखने को मिला है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज चांदी का भाव 4,329 रुपये महंगा होकर सीधे 2,36,000 से ऊपर यानी लगभग 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। खुदरा ज्वैलरी मार्केट की बात करें तो दिल्ली में आज 10 ग्राम चांदी का खुदरा भाव करीब 2,369 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 23,000 रुपये के आसपास चल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जनपदों में भी चांदी की चमक काफी तेज बनी हुई है। लखनऊ में आज चांदी के दाम में पूरे 4,510 रुपये की भारी तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद यहां चांदी का भाव लगभग 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जो देश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में थोड़ा अधिक है। जबकि पिछले हफ्ते यूपी के बाजारों में चांदी 3,460 रुपये की गिरावट के साथ 2.34 लाख रुपये पर बंद हुई थी। बिहार की राजधानी पटना में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और यहां आज सिल्वर लगभग 4,189 रुपये महंगी होकर 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड कर रही है। ठीक इसी प्रकार राजस्थान के जयपुर और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी चांदी के दाम 4,100 से 4,300 रुपये तक उछले हैं, जहां मुंबई में चांदी 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और जयपुर में 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।
क्यों आ रही है चांदी के दाम में इतनी तेज उछाल? जानिए इसके पीछे के बड़े आर्थिक कारण
कीमती धातुओं के जानकारों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी के दामों में आई इस अचानक और भारी तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। सोना और चांदी दोनों ही पारंपरिक रूप से निवेश के सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं, लेकिन चांदी की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल कीमती धातु नहीं बल्कि एक बेहद महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल मेटल (औद्योगिक धातु) भी है। दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है, जिसके कारण जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे चांदी के दाम भी तेजी से ऊपर भागने लगते हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर भी बुलियन मार्केट पर सीधा पड़ रहा है। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए कमोडिटीज महंगी हो जाती हैं, जिसका आंशिक दबाव सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक महंगाई के जोखिम अभी भी अपनी जगह कायम हैं, लेकिन बाजार का पूरा ध्यान इस समय अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिका हुआ है।
महंगाई के नए आंकड़ों और अमेरिकी नीतिगत फैसलों पर टिकी है निवेशकों की निगाहें
इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों और कमोडिटीज ट्रेडर्स की नजर पूरी तरह से अमेरिका से जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका के पीपीआई (PPI) और सीपीआई (CPI) यानी उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े आने वाले हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और निवेशक इन आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसी से यह तय होगा कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का अगला रुख क्या रहने वाला है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा गर्म आते हैं, तो इसका सीधा असर डॉलर इंडेक्स और बुलियन मार्केट की चाल पर पड़ेगा, जिससे सोने और चांदी के भाव में और अधिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। घरेलू बाजार के निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की बड़ी खरीदारी या निवेश करने से पहले अपने नजदीकी सर्राफा बाजार के अधिकृत दरों की सही जांच जरूर कर लें, क्योंकि स्थानीय टैक्स, जीएसटी (GST) और आभूषणों पर लगने वाली मेकिंग चार्ज के कारण खुदरा कीमतें हर शहर में थोड़ी अलग हो सकती हैं।
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