सुर्खियां बटोर रहा शाहजहाँपुर का दृष्टि आयुर्वेदिक चिकित्सालय आयुर्वेदिक पद्धति से मरीजो को लगातार मिल रहा फायदा-वैद्यराज कुनाल जोशी

बड़े-बुजुर्गो का कहना है कि आयुर्वेदिक पद्धति की दवा का अस र धीरे-धीरे जरू र होता है मगर जब दवा अस र करती है तो मर्ज जड़ से जरू र समाप्त हो जाता है। कहा जाता है कि इस पद्धति में समय जरू र लगता है मगर फायदे की गारन्टी भी शत प्रतिशत जरू र रहती है। बताते है कि अंग्रेजी दवा तत्काल अस र करती है और मर्ज जड़ से समाप्त नही हो पाता है और मरीजो को फौरी तौर पर फायदा जरू र महसूस होता है किन्तु समस्या जस की तस बनी रहती है। जी हां हम बात कर रहे है उ.प्र. के जनपद शाहजहांपुर की। यहां पर हनुमंत धाम के पीछे, नया पुल इण्डियन पैलेस के सामने रेती रोड़ प र ‘दृष्टि आयुर्वेदिक चिकित्स ालय’ संचालित है। चिकित्सालय का संचालन पं.वैद्यराज कुनाल जोशी कर रहे है। यहां पर आये मरीजो से बात की गयी तो उनका कहना था कि आयुर्वेदिक पद्धति का उपचार रामबाण की तरह का अस र करता है। यहां पर रायबरेली से आयी ममता डोडेजा ने बताया कि मैं शुगर की समस्या से पिछले दस वर्षो से जूझ रही थी और तमाम जगहो पर जाकर उपचार कराने की कोशिश की मगर रत्ती भर भी फायदा नही मिल पाया। 52 वर्षीय ममता डोडेजा पत्नी पंकज डोडेजा ने बताया कि मैं लोगो से सुनकर यहां पर पिछले तीन महीनो पहले आयी थी

 यहां की दवा लेकर जब मैने प्रयोग किया तब मुझे एहसास हुआ है कि मुझे पचास प्रतिशत तक फायदा हुआ है। उन्होने बताया कि मेरे शरीर में कभी कभी सूजन आ आती थी और मैं चलने फिरने की लायक भी नही रहती थी। यहां तक कि मुझे भूख भी नही लगती थी मगर अब मुझे तमाम तरह की परेशानियों से छुटकारा मिल गया। ममता डोडेजा ने बताया कि मैं यहां की दवा का नियमित सेवन कर रही हूं और जब तक मैं पूरी तरह से ठीक नही हो जाऊंगी तब तक मैं यहां की दवा का सेवन करती रहूंगी। मध्य प्रदेश के जिला शिवपुरी से आये 55 वर्षीय राममिलन ने बताया कि मैं पिछले पांच वर्षो से शुगर की समस्या से परेशान था किन्तु गुजरे दो माह से यहां का उपचार किये जाने से मुझे काफी राहत महसूस हुई है। राममिलन ने बताया कि यहां की जड़ी बूटियों युक्त दवा का प्रयोग किये जाने से हमारा शुगर कंट्रोल रहता है और कभी-कभी मैं मीठी चीजो का भी

प्रयोग करने लगा हूं। उन्होने बताया कि यहां का उपचार करने से हमें बेहद फायदा हुआ है और अब मुझे पूर्ण विश्वास हो गया है कि हमारा मर्ज जरू र ठीक हो जायेगा। दृष्टि आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर पंजाब से आये दम्पत्ति ने बताया कि हम दोनो को डायबिटीज की समस्या 20 वर्षो से है और यहां तक कि इलाज के साथ ही हम दोनो ने खाने-पीने में बेहद सावधानियां भी बरती बावजूद इसके हम दोनो को फायदा नही मिल पाया। 58 वर्षीय सुक्खा सिंह और 55 वर्षीय उनकी धर्मपत्नी हरविन्दर कौर ने बताया कि हम दोनो ने यहां का चार माह से उपचार कराना शुरू किया है तब से हम दोनो को काफी फायदा मिला है। उन्होने बताया कि अब हम लोग यहां का नियमित उपचार कर रहे है। और हम लोगो को फायदा महसूस हो रहा है।

यहां पर झारसुगड़ा उड़ीसा से अभी किरन पत्नी वेदराम ने बताया कि मुझे पांच वर्षो से डायबिटीज की समस्या उत्पन्न हो गयी थी। यहां तक कि मैं राजस्थान के जिला बीकानेर में एक हकीम के पास भी गयी और करीब एक साल तक उनका उपचार भी किया था। मगर दवा का अस र जब तक रहता था तब तक आराम मिलता था उसके बाद सारे शरीर में ऐंठन जैसी हर वक्त महसूस होती थी। 32 वर्षीय किरन ने बताया कि इसके बाद मैंने संभल के एक हकीम की दवा का काफी समय तक सेवन किया मगर फायदे के नाम पर हमें कुछ भी नही हासिल हो पाया। किरन ने बताया कि मीडिया के माध्यम से मुझे जानकारी हुई कि उ.प्र. के जनपद शाहजहांपुर में दृष्टि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नाम से यहां पर क्लीनिक है। बस यही पढ़कर मैं यहां दूस री बार आयी हूं और यहां की दी गयी जड़ी बूटियों युक्त दवा से मुझे फायदा भी मिल रहा है। अब नियमित मैं यहां की दवा का सेवन करती रहूंगी। लेखक ने जब यहां के मैनेजिंग डायरेक्टर वैद्यराज पं. कुनाल जोशी से बात की तो उनका कहना था कि हमारे यहां जड़ी बूटियों युक्त दावा हाथो से कूट-पीसकर तैयार की जाती है जिसमें स्वर्णभस्म, शिलाजीत, मकरध्वज, बसन्त कुसुमकर रस , चांदी के वर्क, गुड़ियार, कोडतुम्बा, तेजपत्र, हरड़, जामुन की गुठली आदि का मिश्रण कर मरीजो को दी जाती है।

श्री जोशी ने बताया कि इस दवा का साइड इफेक्ट भी नही होता है और अन्य दवा का सेवन करने की जरू रत भी महसूस नही होती है। वैद्यराज पं.कुनाल जोशी ने बताया कि शुगर बीमारी के अलावा भी यहां पर अन्य तरह के मरीजो का उपचार किया जाता है और फायदे की गारन्टी भी जरू र रहती है। दृष्टि आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर उपचार करने वालो में डा. संचिता यादव भी शामिल है। डा. संचिता यादव बी.ए.एम.एस. की डिग्री धारक है और वह शुगर (डायबिटीज) रोग की विशेषज्ञ भी है। डा.संचिता यादव का कहना है कि हमारा प्रयास रहता है कि आने वाले मरीजो को बेहतर से बेहतर उपचार मिले और हर आने वाला मरीज संतुष्ट होकर ही जाये। आपको बता दे कि दृष्टि आयुर्वेदिक चित्सिालय सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक सांय चार बजे से लेकर आठ बजे तक संचालित रहता है। कुल मिलाकर इस चिकित्सालय पर मरीजो की कतारें जरूर दिखायी पड़ेगी। ईश्वर चिकित्सालय की ख्याति दिन दूनी रात चौगुनी बढ़े और देश के साथ ही विदेशो में भी दृष्टि आयुर्वेदिक चिकित्सालय की गूंज सुनायी दे।