
रिटायरमेंट के बाद हर वरिष्ठ नागरिक की प्राथमिकता अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई को पूरी तरह सुरक्षित रखना और उस पर नियमित व गारंटीड रिटर्न हासिल करना होती है। ऐसे समय में जब देश के बड़े सरकारी और निजी बैंक 5 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर सीनियर सिटीजन्स को 7% से 7.25% के आसपास ब्याज दे रहे हैं, तब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मान्यता प्राप्त कई स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की लंबी अवधि के लिए 8% से 8.50% तक का सालाना ब्याज ऑफर कर रहे हैं। यदि कोई बुजुर्ग निवेशक इन बैंकों में महज ₹10,000 की छोटी राशि भी 5 वर्ष के लिए फिक्स करता है, तो चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) के दम पर मैच्योरिटी पर मोटा रिटर्न मिलता है।
स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने डिपॉजिट बेस को बढ़ाने के लिए सामान्य नागरिकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या अधिक) को 0.50% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज प्रदान करते हैं:
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सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 5 साल की एफडी पर यह बैंक वरिष्ठ नागरिकों को लगभग 8.25% से 8.50% तक का सालाना ब्याज दे रहा है।
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शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): लंबी अवधि और 5 साल की स्पेशल एफडी पर यह बैंक सीनियर सिटीजन्स को करीब 8.25% से 8.50% की दर से ब्याज ऑफर करता है।
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जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): जना एसएफबी 5 साल की मैच्योरिटी वाली एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को फ्लैट 8.00% का सुनिश्चित ब्याज देता है।
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उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): यह बैंक 5 साल की अवधि (टैक्स सेवर और रेगुलर डिपॉजिट) पर सीनियर सिटीजन्स को 7.75% से 8.00% का आकर्षक रिटर्न उपलब्ध करा रहा है।
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यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक / डीसीबी बैंक (Unity SFB / DCB Bank): स्पेशल 501 दिन और लंबी अवधि की एफडी पर यूनिटी बैंक 8.50% तक का ब्याज दे रहा है, जबकि निजी क्षेत्र में डीसीबी बैंक भी सीनियर सिटीजन श्रेणी में 8.00% का ब्याज ऑफर कर रहा है।
भारतीय बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज की गणना त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) आधार पर की जाती है। यदि कोई सीनियर सिटीजन ₹10,000 की मूल राशि को 5 वर्ष के लिए 8% से 8.50% की ब्याज दर पर निवेश करता है, तो उसका रिटर्न इस प्रकार बनता है:
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8.00% सालाना ब्याज पर:
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मूलधन: ₹10,000
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5 साल में मिलने वाला कुल ब्याज: लगभग ₹4,859
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मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम: ₹14,859
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8.25% सालाना ब्याज पर:
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मूलधन: ₹10,000
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5 साल में मिलने वाला कुल ब्याज: लगभग ₹5,042
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मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम: ₹15,042
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8.50% सालाना ब्याज पर:
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मूलधन: ₹10,000
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5 साल में मिलने वाला कुल ब्याज: लगभग ₹5,227
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मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम: ₹15,227
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अर्थात, 8.50% की दर से 5 साल में ₹10,000 का निवेश बढ़कर 1.5 गुना से भी अधिक (52% से ज्यादा शुद्ध मुनाफा) हो जाता है।
कई बुजुर्गों के मन में यह संशय रहता है कि क्या इन बैंकों में पैसा लगाना सुरक्षित है। इसका जवाब है—पूरी तरह सुरक्षित।
स्मॉल फाइनेंस बैंक भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नियंत्रित और विनियमित होते हैं। आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्था डीआईसीजीसी (DICGC – Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) के नियमों के तहत प्रत्येक बैंक में प्रत्येक जमाकर्ता की ₹5 लाख तक की मूलधन और ब्याज राशि का पूर्ण बीमा होता है। यानी यदि कोई बैंक वित्तीय संकट में भी आता है, तो सरकार और आरबीआई की गारंटी के तहत ₹5 लाख तक की रकम शत-प्रतिशत सुरक्षित रहती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर कानून के तहत भी कई रियायतें दी गई हैं:
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धारा 80C के तहत छूट: यदि आप 5 साल की ‘टैक्स सेवर एफडी’ चुनते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है।
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धारा 80TTB का फायदा: सीनियर सिटीजन्स को बैंक एफडी और बचत खातों से मिलने वाले ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में ₹50,000 तक की कमाई पूरी तरह कर-मुक्त (Tax-Free) होती है।
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टीडीएस (TDS) कटौती: यदि एक वित्तीय वर्ष में बैंक से मिलने वाला कुल ब्याज ₹50,000 से कम रहता है, तो बैंक कोई टीडीएस नहीं काटता। यदि कुल आय टैक्सेबल स्लैब में नहीं आती है, तो बुजुर्ग फॉर्म 15H जमा कर टीडीएस कटौती से बच सकते हैं।
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