
सनातन धर्म में देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए समर्पित पवित्र सावन का महीना (Sawan Month) बेहद खास और फलदायी माना जाता है। इस पूरे माह में भगवान शिव की कृपा पाने के लिए शिव भक्तों द्वारा विभिन्न अनुष्ठान किए जाते हैं, जिनमें रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) का विशेष महत्व है। आमतौर पर लोग इसे मंदिरों या बड़े आयोजनों में कराते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ अपने घर पर भी रुद्राभिषेक संपन्न कर सकते हैं। प्रसिद्ध ज्योतिषियों और विद्वान पंडितों ने घर पर रुद्राभिषेक करने की सरल और सटीक विधि के बारे में विस्तार से बताया है, जिसे अपनाकर आप भोलेनाथ को आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं।
घर पर रुद्राभिषेक करने की आसान और सही सामग्री
घर पर रुद्राभिषेक शुरू करने से पहले कुछ जरूरी पूजन सामग्री को पहले से ही एकत्रित कर लेना चाहिए ताकि पूजा के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके लिए आपको भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग, गंगाजल, गाय का दूध, दही, शुद्ध घी, शहद, शक्कर या बूरा, चंदन, रोली, अक्षत (चावल), बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भस्म, जनेऊ, कलावा, धूप, दीप, फल और मिठाई की आवश्यकता होगी। अभिषेक के दौरान अर्पित किए जाने वाले इन द्रव्यों का अपना अलग धार्मिक महत्व है, जो भगवान शिव को अतिप्रिय माने जाते हैं।
चरणबद्ध तरीके से जानें घर पर रुद्राभिषेक की संपूर्ण विधि
घर पर रुद्राभिषेक करने के लिए सबसे पहले स्नान कर साफ और पवित्र वस्त्र धारण करें। इसके बाद अपने घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) या पूजा घर में एक साफ चौकी पर लाल या सफेद वस्त्र बिछाकर भगवान शिव की मूर्ति या पार्थिव शिवलिंग की स्थापना करें। पूजा का संकल्प लेने के बाद सबसे पहले गणेश जी का पूजन करें और फिर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान शिव का आह्वान करें। इसके बाद शिवलिंग पर क्रमशः गंगाजल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करें और अंत में शुद्ध जल अर्पित करें। अभिषेक के दौरान निरंतर रुद्राष्टक या पंचाक्षर मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
अभिषेक के बाद इन बातों का रखें विशेष ध्यान
अभिषेक संपन्न होने के बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं, रोली-अक्षत अर्पित करें और बेलपत्र, धतूरा व फूल चढ़ाकर धूप-दीप प्रज्वलित करें। इसके बाद महादेव को ठंडाई या फल-मठाई का भोग लगाएं और अंत में पूरी श्रद्धा के साथ आरती करें। पूजा समाप्त होने के बाद अभिषेक में इस्तेमाल किए गए चरणामृत को अपने और परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद के रूप में वितरित करें। पंडितों का मानना है कि सावन के महीने में सच्चे मन से घर पर विधि-विधान पूर्वक रुद्राभिषेक करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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