सावधान! ट्रेन से चादर-तौलिया चुराया तो तुरंत बजेगा अलार्म, रेलवे ला रहा है बेहद हाईटेक RFID चिप सिस्टम

अगर आप भी ट्रेन के सफर के दौरान रेलवे का बेडरोल, कंबल या तौलिया चुपके से अपने बैग में रख लेते हैं, तो अब संभल जाइए. भारतीय रेलवे आपकी इस ‘आदत’ पर लगाम लगाने के लिए एक बेहद आधुनिक और हाईटेक सिस्टम तैयार कर चुका है. अब जैसे ही कोई यात्री रेलवे की संपत्ति चुराकर कोच से बाहर निकलने की कोशिश करेगा, स्टेशन पर तुरंत हूटर (तेज अलार्म) बज उठेगा और आरपीएफ (RPF) उसे रंगे हाथों दबोच लेगी.

रेलवे को हर साल करोड़ों का चूना, चादर-तौलिया हो रहे गायब

एक सरकारी आंकड़े के मुताबिक, पिछले 3 वित्तीय वर्षों में रेलवे को चोरी और अन्य वजहों से लगभग 4000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान हुआ है. अकेले बेडरोल की बात करें, तो रेलवे हर साल करीब 14 से 15 करोड़ बेडरोल यात्रियों को सप्लाई करता है, जिनमें से 10 से 12 लाख चादरें और तौलिये गायब हो जाते हैं. इससे रेलवे को सालाना 50 से 60 करोड़ रुपये का फटका लगता है. पश्चिम रेलवे के पिछले आंकड़ों के अनुसार, यात्रियों ने लाखों चादर-तौलियों के साथ-साथ टॉयलेट के मग, नल और फ्लश पाइप तक नहीं छोड़े.

कैसे काम करेगी यह जादुई RFID तकनीक?

इस चोरी को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड अब अपने बेडरोल मैनेजमेंट को पूरी तरह डिजिटल करने जा रहा है. अब ट्रेन के हर कंबल, तकिए और चादर में एक बेहद बारीक RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) चिप लगाई जाएगी. इस चिप को लगाने का खर्च प्रति कपड़ा महज 20 से 50 रुपये आएगा. इसके साथ ही ट्रेनों के एग्जिट गेट और स्टेशनों पर इनविजिबल (छिपे हुए) सेंसर्स लगाए जाएंगे.

ऐसे पकड़ाएगा चोर: जैसे ही कोई यात्री बेडरोल को अपने निजी बैग में छिपाकर ट्रेन से उतरने की कोशिश करेगा, गेट पर लगे सेंसर उस चिप को डिटेक्ट कर लेंगे. तुरंत एक तेज हूटर बजेगा और वहां तैनात सादी वर्दी में रेलवे पुलिस चोर को हिरासत में ले लेगी.

गंदे कंबलों से भी मिलेगा छुटकारा, मुंबई से शुरुआत

इस नई तकनीक से ‘एक तीर से दो निशाने’ साधे जाएंगे. चोरी रुकने के साथ-साथ कंबलों की डिजिटल मॉनिटरिंग भी होगी, जिससे यात्रियों को गंदे और बदबूदार कंबलों से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी. मुंबई के सेंट्रल और वेस्टर्न डिवीजन ने राजधानी और अगस्त क्रांति एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों के लिए इसका पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही पूरे देश में लागू किया जाएगा.