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सावधान! आपके नाम का बैंक खाता भी बन सकता है साइबर ठगी का हथियार, जानें कैसे

उत्तराखंड एसटीएफ ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये गिरोह भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर खाते खुलवाता था और बाद में इन्हें साइबर ठगों को बेचकर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था।

साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट गैंग का भंडाफोड़

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया गिरोह के सदस्य आम लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार करते थे। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। ये खाते बाद में दिल्ली में साइबर अपराधियों को बेच दिए जाते थे, जहां इनका इस्तेमाल ठगी के पैसों के लेनदेन में होता था।

तीन आरोपी अरेस्ट

गोपनीय सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने हरिद्वार से तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोपियों की पहचान रवि (31) मूल निवासी मेरठ, राजन चौधरी (35) निवासी हरिद्वार और विनित राणा (25) निवासी हरिद्वार के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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मामले की जांच जारी

जांच में सामने आया है कि इन खातों में अलग-अलग राज्यों के पीड़ितों से ठगे गए लाखों रुपए का लेन-देन हुआ है। गिरोह इस काम के बदले अच्छा-खासा कमीशन वसूल करता था। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।