News India Live, Digital Desk: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला एक साल उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, जिसका सीधा असर रिटेल निवेशकों की भागीदारी पर पड़ा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 (FY26) में एक्टिव निवेशकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले तीन सालों में यह पहला मौका है जब बाजार से इतनी बड़ी संख्या में निवेशक दूर हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 35 लाख एक्टिव निवेशक बाजार से बाहर हो गए हैं।
एक्टिव निवेशक बेस में 7% की गिरावट
NSE के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में एक्टिव निवेशकों (जो कम से कम साल में एक बार ट्रेड करते हैं) की संख्या 4.92 करोड़ थी, जो वित्त वर्ष 2026 में घटकर 4.58 करोड़ रह गई है। यह 7% की वार्षिक गिरावट है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना काल के बाद शेयर बाजार में जो उन्माद देखा गया था, वह अब ठंडा पड़ता नजर आ रहा है।
इन तीन बड़े ब्रोकर्स को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
बाजार से बाहर हुए कुल निवेशकों में से 70% से अधिक हिस्सा केवल तीन बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स का है। निवेशकों के बाहर निकलने से इन कंपनियों के रेवेन्यू पर भी असर पड़ने की संभावना है:
Zerodha: सबसे ज्यादा 9.95 लाख एक्टिव निवेशक खोए (कुल गिरावट का 29%)।
Angel One: करीब 8.15 लाख एक्टिव अकाउंट्स कम हुए।
Upstox: इस प्लेटफॉर्म से भी 7.6 लाख निवेशक दूर हुए।
इसके अलावा HDFC Securities, Sharekhan, और Motilal Oswal जैसे पारंपरिक ब्रोकर्स को भी 1 से 1.25 लाख तक निवेशकों का नुकसान हुआ है।
क्यों टूट रहा है निवेशकों का भरोसा?
बाजार विशेषज्ञों ने इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण बताए हैं:
सोने में जबरदस्त तेजी: साल 2025-26 के दौरान सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखा गया (पारा ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम के पार)। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के लिए शेयर बाजार से पैसा निकालकर गोल्ड में शिफ्ट किया।
भू-राजनीतिक तनाव: यूक्रेन युद्ध के बाद मध्य पूर्व (इजरायल-ईरान-अमेरिका) में शुरू हुए तनाव ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ सेंसेक्स और निफ्टी को भी रिकॉर्ड निचले स्तरों पर धकेला।
सख्त नियम: डेरिवेटिव्स (F&O) सेगमेंट में SEBI द्वारा उठाए गए सख्त कदमों और मार्जिन नियमों के कारण छोटे सट्टेबाज बाजार से बाहर हो गए।
रिटर्न की कमी: पिछले एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं दे पाए, जिससे नए निवेशक हतोत्साहित हुए।
विपरीत परिस्थितियों में भी कुछ ब्रोकर्स चमके
जहां बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कुछ पारंपरिक ब्रोकर्स ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। ICICI Securities का मार्केट शेयर 3.96% से बढ़कर 4.57% हो गया है, जबकि SBI Securities ने भी 2.55% की बढ़त हासिल की है। यह दर्शाता है कि अस्थिर बाजार में निवेशक अब अनुभवी और भरोसेमंद संस्थानों की ओर रुख कर रहे हैं।
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