
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यहां स्थित टाटा मोटर्स प्लांट से 10 लाखवीं गाड़ी का उत्पादन पूरा होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उसी गाड़ी में सवार हुए और इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा की गाड़ियां सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि भारतीय परिवारों की भावनाओं से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि टाटा की गाड़ियां हमेशा से आम भारतीयों की जिंदगी का हिस्सा रही हैं।
लखनऊ बना ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट का बड़ा हब
लखनऊ का यह प्लांट अब केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां बनी गाड़ियां दुनिया के 15 देशों में एक्सपोर्ट की जा रही हैं। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर मजबूत पहचान दिला रही है।राज्य सरकार का कहना है कि निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की नीतियों का ही परिणाम है कि आज लखनऊ जैसे शहर मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र बन रहे हैं।
CM योगी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर प्रदेश में बढ़ते निवेश, रोजगार के अवसर और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इंडस्ट्रियल पॉलिसी के चलते बड़ी कंपनियां यूपी में निवेश के लिए आगे आ रही हैं।उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
टाटा की गाड़ियां: भरोसे और विरासत का प्रतीक
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि टाटा मोटर्स का यह प्लांट लगातार नई तकनीकों और बेहतर क्वालिटी के साथ उत्पादन कर रहा है। 10 लाखवीं गाड़ी का निर्माण इस बात का संकेत है कि कंपनी और प्रदेश दोनों विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।
रोजगार और विकास को मिला नया आयाम
इस उपलब्धि से न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिला है। स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन और छोटे उद्योगों को भी इसका सीधा फायदा पहुंच रहा है|,
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