रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: 1 जनवरी से 17 ट्रेनों में घटा किराया, सफर हुआ सस्ता

देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों और दैनिक यात्रियों के लिए ट्रेन का सफर सबसे सुगम और किफायती साधन माना जाता है। नए साल के मौके पर भारतीय रेलवे ने लाखों यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए 1 जनवरी से कई प्रमुख रेलगाड़ियों के किराये में कटौती करने का औपचारिक ऐलान किया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, देश के व्यस्ततम रेल मार्गों पर चलने वाली लगभग 17 से 18 लोकप्रिय सुपरफास्ट ट्रेनों का री-क्लासिफिकेशन (पुनर्गीकरण) किया गया है। इन ट्रेनों को अब ‘सुपरफास्ट’ की श्रेणी से हटाकर ‘सामान्य मेल/एक्सप्रेस’ ट्रेन के रूप में संचालित किया जाएगा। इस प्रशासनिक फैसले का सीधा और सकारात्मक असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि सुपरफास्ट टैग हटते ही टिकट पर लगने वाला अतिरिक्त सरचार्ज पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। त्योहारों और सर्दियों की छुट्टियों में सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए यह किसी दोहरी खुशी से कम नहीं है।

अक्सर आम जनता के मन में यह सवाल उठता है कि रेलवे अचानक इन ट्रेनों की श्रेणी में बदलाव क्यों कर रहा है। रेलवे के परिचालन नियमों के अनुसार, किसी भी ब्रॉडगेज ट्रेन को सुपरफास्ट (Superfast) का दर्जा तभी दिया जाता है जब उसकी दोनों दिशाओं (अप और डाउन) में औसत गति न्यूनतम 55 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक दर्ज हो। रेलवे प्रशासन हर साल नई समय सारिणी (टाइम टेबल) लागू करते समय सभी ट्रेनों की समयबद्धता और वास्तविक रनिंग स्पीड की विस्तृत समीक्षा करता है। जांच में पाया गया कि कई व्यस्ततम रूट्स पर नए स्टॉपेज बढ़ने, भारी ट्रैफिक कंजेशन, ट्रैक मेंटेनेंस और सिग्नलिंग कार्यों के चलते इन ट्रेनों की औसत गति 55 किमी/घंटे के मानक से काफी नीचे गिर गई थी और ये लगातार देरी से चल रही थीं। नियमों के तहत जब कोई ट्रेन सुपरफास्ट स्पीड देने में असमर्थ हो, तो यात्रियों से सुपरफास्ट चार्ज वसूलना अनुचित माना जाता है, जिसके चलते रेलवे ने इनका दर्जा सामान्य एक्सप्रेस में बदलने का निष्पक्ष निर्णय लिया।

सुपरफास्ट ट्रेनों में यात्रा करते समय रेलवे यात्रियों से मूल किराये के अलावा एक अनिवार्य ‘सुपरफास्ट अधिभार’ (Superfast Surcharge) वसूलता है। 1 जनवरी से इन ट्रेनों के सामान्य एक्सप्रेस में तब्दील होने के बाद यह पूरा चार्ज हट जाएगा, जिससे अलग-अलग श्रेणियों में प्रति टिकट सीधी बचत होगी:

  • सेकंड सिटिंग / जनरल क्लास: ₹15 की सीधी छूट।

  • स्लीपर क्लास (Sleeper): प्रति यात्री ₹30 की बचत।

  • थर्ड एसी (3A), एसी चेयरकार (CC) और 3E: प्रति यात्री ₹45 का कम किराया।

  • सेकंड एसी (2A): प्रति यात्री ₹45 की बचत।

  • फर्स्ट एसी (1A) और एग्जीक्यूटिव क्लास (EC): टिकट में ₹75 तक की बड़ी राहत।

यदि कोई परिवार 4 सदस्यों के साथ स्लीपर या थर्ड एसी में यात्रा कर रहा है, तो एक तरफ के सफर में ₹120 से ₹180 तक की सीधी बचत हो जाएगी। लंबी दूरी के राउंड-ट्रिप में यह बचत सैकड़ों रुपये में पहुंच जाएगी, जो छुट्टियों के बजट में राहत प्रदान करेगी।

रेलवे के वर्गीकरण नियमों के अनुसार, सुपरफास्ट ट्रेनों के नंबर 12 या 2 से शुरू होते हैं, जबकि सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के नंबर 1 या 2 के बाद सामान्य सीरीज (जैसे 15, 13 या 18) में रखे जाते हैं। 1 जनवरी से प्रभावी होने वाले इस बदलाव के तहत इन ट्रेनों के रूट और समय में बड़े फेरबदल के बिना नए ट्रेन नंबर आवंटित किए जा रहे हैं:

  1. सप्तक्रांति एक्सप्रेस (मुजफ्फरपुर-आनंद विहार टर्मिनल): पुराना नंबर 12557/12558 बदलकर अब नया नंबर 15577/15578 होगा।

  2. श्रमजीवी एक्सप्रेस (राजगीर-नई दिल्ली): पुराना नंबर 12391/12392 बदलकर अब 13291/13292 हो जाएगा।

  3. मगध एक्सप्रेस (इस्लामपुर-नई दिल्ली): पुराना नंबर 20801/20802 बदलकर अब 18633/18634 होगा।

  4. पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस (टनकपुर-दिल्ली जंक्शन): पुराना नंबर 12035/12036 बदलकर 15317/15318 किया जा रहा है।

  5. नैनी जनशताब्दी एक्सप्रेस (देहरादून-काठगोदाम): पुराना नंबर 12091/12092 अब 15315/15316 के रूप में दौड़ेगी।

  6. पाटलिपुत्र-चंडीगढ़ एक्सप्रेस: पुराना नंबर 22355/22356 बदलकर नया नंबर 13255/13256 हो जाएगा।

  7. दरभंगा-जालंधर सिटी अंत्योदय एक्सप्रेस: पुराना नंबर 22551/22552 अब 15541/15542 नंबर से संचालित होगी।

  8. कार्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस (मुरादाबाद-रामनगर): पुराना नंबर 25013/25014 बदलकर 15313/15314 और मुरादाबाद लिंक 25035/25036 बदलकर 15335/15336 हो जाएगी।

आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या रेलवे आरक्षण काउंटर से टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने एक महत्वपूर्ण परामर्श (Advisory) जारी किया है। चूंकि 1 जनवरी से इन ट्रेनों के आधिकारिक नंबर पूरी तरह बदल रहे हैं, इसलिए यदि आप पुराने नंबर से सर्च करेंगे तो सिस्टम में ‘Train Not Found’ या ‘Cancelled’ जैसी स्थिति दिख सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES), रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या आईआरसीटीसी पोर्टल पर स्टेशन कोड या नए ट्रेन नंबर से ही बुकिंग और लाइव रनिंग स्टेटस चेक करें। जिन यात्रियों ने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के तहत पुराने किराये पर टिकट बुक कर लिए हैं, उनके लिए रेलवे ऑटो-रिफंड या सिस्टम एडजस्टमेंट की विस्तृत प्रक्रिया पर भी काम कर रहा है। नए साल में कम किराये के साथ सफर की शुरुआत भारतीय रेल यात्रियों के लिए निश्चित रूप से एक सुखद अनुभव लेकर आएगी।