धनतेरस 2026: दिल्ली, पटना और लखनऊ से लेकर मुंबई तक… जानिए आपके शहर में सोना-चांदी खरीदने का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त

भारतीय सनातन संस्कृति, लोक आस्था और पर्व-त्योहारों की इस पावन श्रृंखला में दीपावली के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित उत्सव यानी ‘धनतेरस 2026’ (Dhanteras 2026) का आज पूरे देश में भव्य जश्न मनाया जा रहा है। आरोग्य और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के कुबेर देवता को समर्पित यह पवित्र पर्व हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और अपार बरकत लेकर आता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के इस पावन अवसर पर नई वस्तुएं, बर्तन, और विशेष तौर पर सोना-चांदी (Gold & Silver) खरीदना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। पंचांग के जानकारों के अनुसार, इस साल धनतेरस पर खरीदारी के लिए एक लंबा और अत्यंत मंगलकारी समय मिल रहा है। चूंकि देश के अलग-अलग हिस्सों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर होता है, इसलिए हर शहर का शुभ मुहूर्त भी थोड़ा भिन्न होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके अपने शहर में आज सोना और चांदी खरीदने का सबसे सटीक और उत्तम मुहूर्त क्या है।

धनतेरस 2026: जानिए खरीदारी का मुख्य पंचांग और कुल अवधि

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से हो चुका है, और इसका समापन 7 नवंबर की सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार, इस साल धनतेरस पर खरीदारी के लिए श्रद्धालुओं को सुबह से लेकर अगले दिन भोर तक का एक बहुत ही लंबा और व्यापक समय प्राप्त हो रहा है।

शास्त्रीय दृष्टि से बात करें तो धनतेरस के पूरे दिन में कभी भी सोना-चांदी और जरूरत का सामान खरीदा जा सकता है। हालांकि, शाम के समय प्रदोष काल और ‘स्थिर वृषभ लग्न’ में खरीदारी करना सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि स्थिर लग्न में खरीदी गई वस्तुएं घर में लंबे समय तक टिकती हैं और माता लक्ष्मी की कृपा को स्थिर रखती हैं। आइए देश के प्रमुख शहरों के हिसाब से शाम के उन खास मुहूर्तों पर नजर डालते हैं, जो खरीदारी के लिए सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं।

दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में खरीदारी के शुभ मुहूर्त

प्रत्येक शहर के स्थानीय समय और सूर्यास्त की स्थिति को ध्यान में रखते हुए धनतेरस की शाम को पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा:

  • नई दिल्ली: शाम 6:02 मिनट से रात 7:57 मिनट तक

  • मुंबई: शाम 6:35 मिनट से रात 8:35 मिनट तक

  • पटना: शाम 5:36 मिनट से शाम 7:33 मिनट तक

  • लखनऊ: शाम 5:50 मिनट से शाम 7:47 मिनट तक

  • कानपुर: शाम 5:53 मिनट से शाम 7:50 मिनट तक

  • गुरुग्राम: शाम 6:03 मिनट से रात 7:59 मिनट तक

  • नोएडा: शाम 6:01 मिनट से रात 7:57 मिनट तक

  • जयपुर: शाम 6:11 मिनट से रात 8:07 मिनट तक

  • उदयपुर: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तक

  • भोपाल: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तक

  • वाराणसी: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तक

  • इंदौर: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तक

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना क्यों माना जाता है इतना खास और शुभ

सनातन परंपरा में धनतेरस के दिन बहुमूल्य धातुओं को घर लाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरी धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। चूंकि कलश को धातु का प्रतीक माना गया है, इसलिए इस दिन धातु खरीदना अत्यंत मांगलिक माना जाता है।

चाहे आप सोने के आभूषण खरीदें, चांदी का कोई नया सिक्का लें, या फिर पीतल और तांबे के नए बर्तन घर लाएं, इन सभी वस्तुओं को मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर का आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है। यदि आपका बजट बहुत बड़ा नहीं है, तो भी अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार चांदी का एक छोटा सिक्का या जरूरत का कोई भी उपयोगी बर्तन खरीदकर इस परंपरा को निभा सकते हैं। अपने शहर के शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए आज परिवार के साथ खरीदारी करें और मां लक्ष्मी तथा भगवान धन्वंतरि से अपने घर-परिवार में सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें।