
भारतीय रेलवे ने रोजगार के मोर्चे पर अपनी स्थिति साफ करते हुए एक बड़ा आंकड़ा पेश किया है। संसद सत्र के दौरान रेल मंत्री ने देश भर के युवाओं और जनप्रतिनिधियों को रेलवे में मिली नौकरियों का पूरा ब्यौरा दिया। सरकारी नौकरी की आस में बैठे छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि साल 2014 से लेकर अब तक रेलवे ने अपने अलग-अलग विभागों और जोन्स में 5.56 लाख से भी ज्यादा उम्मीदवारों को रोजगार दिया है। यह आंकड़ा उन सभी चिंताओं का जवाब देने की कोशिश है जो अक्सर रेलवे भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली और नौकरियों की रफ्तार को लेकर उठाए जाते हैं।
संसद में सामने आई भर्ती प्रक्रिया की पूरी तस्वीर
सदन में चर्चा के दौरान रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे में भर्तियों की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा व्यवस्थित और तेज हो गई है। पिछले एक दशक में रेलवे ने अपने बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ अपने मानव संसाधन को भी काफी मजबूत किया है। असिस्टेंट लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, टिकट क्लर्क से लेकर ग्रुप डी और तकनीकी कर्मचारियों तक, हर स्तर पर बड़े पैमाने पर भर्तियां की गई हैं। सरकार ने बताया कि उनका मुख्य फोकस इस बात पर है कि सुरक्षा और संचालन से जुड़े खाली पदों को बिना किसी देरी के भरा जाए, ताकि करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
युवाओं के लिए भविष्य में क्या हैं मौके?
इस बड़े आंकड़े के सामने आने के बाद अब रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं की नजरें आने वाली नई भर्तियों पर टिक गई हैं। रेल मंत्रालय का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया एक लगातार चलने वाला काम है। कर्मचारियों के रिटायर होने और नई रेल लाइनों के विस्तार के साथ ही नई रिक्तियों को भरने का रोडमैप तैयार किया जाता है। आने वाले समय में भी रेलवे के विभिन्न जोन्स में हजारों नई नौकरियां निकलने की उम्मीद है। आधुनिक होते रेलवे को अब तकनीकी रूप से ज्यादा सक्षम कर्मचारियों की जरूरत है, इसलिए भविष्य में सेफ्टी और टेक्निकल पदों पर सबसे ज्यादा फोकस रहने वाला है।
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