राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नई दिल्ली के लाजपत भवन में स्वतंत्रता सेनानी गोपबंधु दास की प्रतिमा का करेंगी अनावरण

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानी सोमवार को नई दिल्ली के मूलचंद स्थित प्रतिष्ठित लाजपत भवन में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक और लोक सेवक मंडल के पूर्व अध्यक्ष ‘उत्कलमणि’ गोपबंधु दास की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगी। यह भव्य कार्यक्रम लोक सेवक मंडल के परिसर में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश की कई दिग्गज हस्तियां और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य महान स्वतंत्रता सेनानी के राष्ट्र सेवा, निस्वार्थ त्याग और जनकल्याण के आदशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

संसद भवन के बाद अब दिल्ली के लाजपत भवन में स्थापित हुई प्रतिमा

लोक सेवक मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संसद भवन के अलावा उत्कलमणि गोपबंधु दास की अन्य कोई प्रतिमा स्थापित नहीं थी। इस कमी को दूर करते हुए और उनके महान योगदान को चिरस्थाई बनाने के लिए लाजपत भवन परिसर में उनकी प्रतिमा की स्थापना की गई है। उल्लेखनीय है कि लोक सेवक मंडल एक प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था है, जिसकी स्थापना देश के महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय ने समाज के गरीब, वंचित, अशिक्षित और पिछड़े वर्गों के उत्थान तथा सशक्तिकरण के उद्देश्य से की थी। लाला लाजपत राय के विशेष आग्रह पर ही गोपबंधु दास इस संस्था से जुड़े थे और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था।

कौन थे ‘उत्कलमणि’ गोपबंधु दास और क्या था उनका योगदान?

ओडिशा की पावन भूमि पर 9 अक्टूबर 1877 को जन्मे गोपबंधु दास एक महान स्वतंत्रता सेनानी, दूरदर्शी शिक्षाविद, ओसस्वी पत्रकार और उच्च कोटि के समाज सुधारक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, किसानों, अनाथों और जरूरतमंदों की सेवा में होम कर दिया था। समाज के प्रति उनकी असाधारण निस्वार्थ सेवा, महान त्याग और जन-कल्याणकारी कार्यों के कारण उन्हें आदर के साथ ‘उत्कलमणि’ यानी ओडिशा का रत्न कहकर पुकारा जाता है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, मानवता और लोकसेवा की प्रेरणा का एक अनूठा और जीवंत उदाहरण है।

राष्ट्रसेवा और लोक-कल्याण के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है उद्देश्य

लोक सेवक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा ने इस विशेष अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि गोपबंधु दास के राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और लोक-कल्याण के उच्च आदर्शों को आधुनिक समाज के जन-जन तक पहुंचाने के लिए ही लाजपत भवन में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों द्वारा होने वाले इस अनावरण समारोह से न केवल नई पीढ़ी को उनके संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन से रूबरू होने का अवसर मिलेगा, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों के लिए भी एक गर्व का क्षण होगा।