
देश भर के करोड़ों राशन कार्डधारकों और गरीब परिवारों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लागू किया है। अब तक की व्यवस्था में परिवार के मुख्य कार्डधारक (मुखिया) की आकस्मिक मृत्यु हो जाने की दशा में राशन कार्ड को निरस्त (Cancel) मान लिया जाता था या कोटेदार द्वारा राशन वितरण रोक दिया जाता था। इसके बाद आश्रित परिजनों को नया राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों, तहसील और जनसेवा केंद्रों के महीनों चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे कई बार पात्र परिवारों का महीनों तक मुफ्त व सस्ता राशन बंद हो जाता था।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा राज्य सरकारों के खाद्य रसद विभागों ने इस जटिल व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। नए नियमों के तहत परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर राशन कार्ड स्वतः निरस्त नहीं होगा, बल्कि उसी पुराने राशन कार्ड नंबर पर परिवार के अन्य पात्र सदस्य का नाम बतौर ‘नया मुखिया’ (New Head of Family) दर्ज कर दिया जाएगा। इससे परिवार की यूनिट संख्या सुरक्षित रहेगी और राशन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले खाद्यान्न की आपूर्ति में एक दिन का भी व्यवधान नहीं आएगा।
राशन कार्ड में नए मुखिया का चयन मनमाने ढंग से नहीं होता, बल्कि इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013) के स्पष्ट दिशा-निर्देश तय हैं:
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परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को पहली प्राथमिकता: खाद्य सुरक्षा कानून के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राशन कार्ड में परिवार की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य को ही मुखिया बनाया जाता है। यदि मृत मुखिया पहले से महिला थीं, तो उनके बाद परिवार की दूसरी वरिष्ठतम महिला सदस्य (जैसे बहू, बेटी या बहन) स्वतः मुखिया पद के लिए पात्र होंगी।
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यदि परिवार में कोई वयस्क महिला न हो: यदि मृतक के परिवार में 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई महिला सदस्य मौजूद नहीं है, तो परिवार के सबसे वरिष्ठ पुरुष सदस्य को नया मुखिया बनाया जाएगा।
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महिला सदस्य के वयस्क होने पर स्वतः बदलाव: यदि वर्तमान में परिवार में केवल नाबालिग बेटियां या बच्चे हैं, तो उस स्थिति में जब तक सबसे बड़ी कन्या 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेती, तब तक किसी वयस्क पुरुष अभिभावक के नाम पर कार्ड संचालित होगा और 18 वर्ष पूरे होते ही मुखिया का अधिकार स्वतः उस युवती के नाम स्थानांतरित करने का विकल्प मिलेगा।
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सदस्य का नाम पहले से कार्ड में दर्ज होना अनिवार्य: नया मुखिया बनने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि उस व्यक्ति का नाम पहले से उसी राशन कार्ड की परिवार सूची (Family Unit List) में सक्रिय सदस्य के रूप में दर्ज होना चाहिए।
खाद्य विभाग के पोर्टल पर नाम ट्रांसफर की अर्जी देने से पहले आवेदक को निम्नलिखित वैध दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां तैयार रखनी होंगी:
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मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): मृत मुखिया का नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र (मूल एवं स्व-प्रमाणित कॉपी)।
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मूल राशन कार्ड: मौजूदा राशन कार्ड की छायाप्रति जिसमें सभी पारिवारिक यूनिट्स का विवरण हो।
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प्रस्तावित नए मुखिया का आधार कार्ड: नया मुखिया बनने वाले सदस्य का आधार कार्ड (जिसमें नाम, जन्मतिथि और पता सही हो)।
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आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर: आवेदन सत्यापन और ओटीपी (OTP) आधारित ऑथेंटिकेशन के लिए चालू मोबाइल नंबर।
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बैंक पासबुक की कॉपी: नए मुखिया के नाम पर सक्रिय राष्ट्रीयकृत या ग्रामीण बैंक खाते की पासबुक का पहला पन्ना या कैंसिल्ड चेक (डीबीटी और सब्सिडी के लिए)।
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पारिवारिक सहमति पत्र / स्व-घोषणा: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान/सचिव या शहरी क्षेत्रों में सभासद/वार्ड पार्षद द्वारा सत्यापित पारिवारिक सहमति प्रपत्र।
डिजिटल इंडिया और खाद्य सुरक्षा पोर्टल्स के आधुनिकीकरण के चलते अब नागरिक घर बैठे या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / सहज जन सेवा केंद्र) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
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राज्य के आधिकारिक खाद्य पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए fcs.up.gov.in, बिहार के लिए epds.bihar.gov.in, या राष्ट्रीय पोर्टल nfsa.gov.in) पर जाएं।
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सिटिजन कॉर्नर में लॉगिन करें: पोर्टल पर दिए गए ‘राशन कार्ड संशोधन / नागरिक सेवाएं’ (Citizen Services) विकल्प पर क्लिक करें और अपने राशन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें।
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‘मुखिया परिवर्तन / संशोधन’ विकल्प चुनें: डैशबोर्ड पर आपको ‘राशन कार्ड में संशोधन’ या ‘मृतक मुखिया के स्थान पर नए मुखिया का चयन’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
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मृतक का विवरण और कारण भरें: मृत मुखिया का नाम चुनकर ‘मृत्यु’ (Death) का कारण सेलेक्ट करें और नगर निकाय/पंचायत द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की क्रम संख्या व तारीख दर्ज कर उसकी स्कैन कॉपी अपलोड करें।
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नए मुखिया का चयन और विवरण अपडेट: परिवार के मौजूदा सदस्यों की सूची में से उस वरिष्ठ महिला या सदस्य को चुनें जिसे नया मुखिया बनाना है। इसके बाद नए मुखिया का बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड और आधार विवरण सत्यापित करें।
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ओटीपी से फाइनल सबमिट: नए मुखिया के आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज कर फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें।
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रसीद सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट होते ही एक 12 या 14 अंकों का ‘आवेदन संदर्भ संख्या’ (Application Reference Number) जनरेट होगा, जिसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें ताकि भविष्य में स्टेटस ट्रैक किया जा सके।
यदि किसी क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है या ऑनलाइन आवेदन में तकनीकी अड़चन आ रही है, तो ऑफलाइन माध्यम से भी यह कार्य आसानी से कराया जा सकता है:
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आवेदक अपने क्षेत्र के उचित दर विक्रेता (राशन डीलर) अथवा ब्लॉक/तहसील स्थित क्षेत्रीय खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय (ARO / Supply Office) से ‘प्रपत्र-ख’ (संशोधन आवेदन पत्र) प्राप्त करें।
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फॉर्म में मृत मुखिया का नाम, नए मुखिया का नाम और पारिवारिक सदस्यों का विवरण स्पष्ट अक्षरों में भरें।
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फॉर्म के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की कॉपी और नए मुखिया के आधार कार्ड व बैंक पासबुक की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करें।
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भरे हुए आवेदन पत्र को अपने नजदीकी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) या जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के कार्यालय में जमा कराएं और वहां से आधिकारिक प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) प्राप्त करें।
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पूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदन को अपने विभागीय पोर्टल पर दो कार्यदिवसों में ऑनलाइन दर्ज किया जाता है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी (BDO) और शहरी क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा स्थलीय सत्यापन (Physical Verification) कर रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी जाती है।
खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा सेवा का अधिकार कानून के तहत इस संपूर्ण प्रक्रिया के लिए अधिकतम 15 से 21 कार्यदिवसों की समयसीमा निर्धारित की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) द्वारा रिपोर्ट का अनुमोदन किए जाने के 3 दिनों के भीतर नए मुखिया के नाम के साथ डिजिटल हस्ताक्षरित संशोधित राशन कार्ड सिस्टम में अपडेट हो जाता है।
कार्डधारक अपने मोबाइल से ही ‘मेरा राशन’ (Mera Ration) मोबाइल ऐप या राज्य के पोर्टल से ई-राशन कार्ड की प्रति तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित राशन डीलर को सूचित कर उसी महीने से निर्बाध रूप से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है।
कई मामलों में देखा जाता है कि परिवार के किसी सदस्य या मुखिया की मृत्यु हो जाने के बाद भी परिजन लंबे समय तक विभाग को इसकी सूचना नहीं देते और मृतक के नाम पर मिलने वाले 5 किलो अतिरिक्त अनाज या अंत्योदय कोटे का लाभ उठाते रहते हैं।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी मृत व्यक्ति के नाम पर सस्ता या मुफ्त खाद्यान्न उठाना आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और पीडीएस कंट्रोल ऑर्डर के तहत एक संज्ञेय और गैर-कानूनी अपराध है। आधार बेस्ड ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान यदि किसी मृतक के नाम पर खाद्यान्न आहरण का मामला पकड़ा जाता है, तो:
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राशन कार्ड को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
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मृत्यु की तारीख से लेकर अब तक उठाए गए संपूर्ण राशन की बाजार दर (Market Price) पर चक्रवृद्धिय वसूली की जाएगी।
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दोषी परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इसलिए परिवार के मुखिया या किसी भी सदस्य की मृत्यु होने पर परिजनों को चाहिए कि वे 30 दिनों के भीतर पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड कर नाम कटवाने या मुखिया ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों का वैध हक बिना किसी रुकावट के सुरक्षित रहे।
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