राम मंदिर विरोधी थी कांग्रेस’: चढ़ावा विवाद पर किरण रिजिजू का खरगे पर पलटवार, राज्यसभा में भारी हंगामा

संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में राम मंदिर और उसके चढ़ावे से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा उठाए गए सवालों का करारा जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही भव्य राम मंदिर के निर्माण के विरोध में रही है। इस तीखे जुबानी हमले और हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।

चढ़ावे और प्रशासनिक मुद्दों पर खरगे ने खड़े किए सवाल

सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आने वाले चढ़ावे, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रबंधन से जुड़े कुछ विषयों को उठाया। खरगे ने सरकार पर तंज कसते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाओं और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करने की कोशिश की। विपक्ष के रुख को देखते हुए सदन में माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी शुरू हो गई।

किरण रिजिजू का तीखा हमला: ‘अदालत से लेकर सड़क तक विरोध’

खरगे के आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस का राम मंदिर को लेकर इतिहास जगजाहिर है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने दशकों तक अदालतों में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को अटकाने का काम किया और प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया, उसे आज मंदिर और उसके चढ़ावे पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इस पर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

हंगामे की भेंट चढ़ी सदन की कार्यवाही

दोनों पक्षों के बीच जारी जुबानी जंग और राम मंदिर मुद्दे पर बढ़ते तनाव को देखते हुए राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। सभापति द्वारा सदस्यों को शांत कराने और कार्यवाही आगे बढ़ाने के तमाम प्रयास विफल साबित हुए। लगातार हो रही नारेबाजी और व्यवधान के कारण अंततः पीठ को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।