
भारत और इजरायल के बीच कूटनीतिक, सामरिक और तकनीकी साझेदारियों की चर्चा तो दुनिया भर में अक्सर होती रहती है, लेकिन इन सबके इतर जब सांस्कृतिक और मानवीय रिश्तों की बात आती है, तो दोनों देशों की दोस्ती एक अलग ही मुकाम पर नजर आती है। इस बार देश भर में मनाए जाने वाले भाई-बहन के पवित्र पावन पर्व रक्षाबंधन के मौके पर नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास में कुछ ऐसा अनूठा और मनमोहक नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाते हुए इजरायली दूतावास के शीर्ष अधिकारियों और राजनयिकों ने भारतीय महिलाओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं से कलाई पर रेशम की डोर यानी राखी बंधवाई। इस भव्य और आत्मीय कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी सांस्कृतिक और पारिवारिक आत्मीयता साफ तौर पर झलक रही थी, जहां दूतावास के कमरों से लेकर कार्यालय परिसरों तक भारत के इस पारंपरिक त्योहार की गूंज सुनाई दी। इस अनूठी पहल ने सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया है और लोग दोनों देशों की इस अटूट दोस्ती को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के रूप में सराहा रहे हैं।
इजरायली दूतावास में सजा रक्षाबंधन का विशेष दरबार
नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास में इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व किसी राजकीय उत्सव की तरह बहुत ही धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। दूतावास के अधिकारियों ने पहले से ही इस भारतीय पर्व को अपने कार्यस्थल पर मनाने की पूरी तैयारी कर रखी थी। जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में सजी महिलाओं ने इजरायली राजनयिकों और कर्मचारियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, उनका तिलक किया और मुंह मीठा कराया। इस दौरान इजरायली अधिकारियों के चेहरे पर जो खुशी और उत्साह देखने को मिल रहा था, वह यह साबित कर रहा था कि वे भारतीय संस्कृति और उसकी परंपराओं को कितनी गहराई से आत्मसात कर चुके हैं। दूतावास के अधिकारियों ने न केवल इस अनुष्ठान में पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया, बल्कि उन्होंने खुद आगे बढ़कर इस बात पर खुशी जताई कि उन्हें दुनिया के सबसे खूबसूरत और पवित्र त्योहार का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है।
रक्षा सूत्र बंधवाने के बाद मिला खास रिटर्न गिफ्ट
भारतीय परंपरा के अनुसार, जब भाई की कलाई पर बहन राखी बांधती है, तो भाई उसे सुरक्षा और उपहार का वचन देता है, और इस बार इजरायली दूतावास में भी इस परंपरा का बहुत ही अनूठे तरीके से पालन किया गया। राखी बंधवाने के बाद इजरायली अधिकारियों ने अपनी बहनों को बेहद खास और तकनीक से जुड़े रिटर्न गिफ्ट्स भेंट किए, जो इजरायल की नवाचार और आधुनिकता की पहचान को दर्शाते हैं। इसके साथ ही इजरायली दूतावास की तरफ से सभी महिलाओं को पारंपरिक मिष्ठान और मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) की प्रसिद्ध खास सौगातें उपहार स्वरूप दी गईं। अधिकारियों ने अपनी बहनों को यह वचन दिया कि जिस तरह इजरायल और भारत हर मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे के सच्चे और पक्के दोस्त बनकर खड़े रहते हैं, उसी तरह वे भी इस रिश्ते की मर्यादा को हमेशा निभाएंगे। यह आदान-प्रदान केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि दो अलग-अलग संस्कृतियों के बीच आपसी सम्मान और स्नेह का एक बहुत ही जीवंत और मार्मिक उदाहरण बन गया।
भारत और इजरायल की दोस्ती के गहरे भू-राजनीतिक मायने
कूटनीति के जानकारों का मानना है कि भारत और इजरायल के बीच के रिश्ते केवल रक्षा सौदों, कृषि तकनीकी सहयोग या खुफिया साझेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दिलों का रिश्ता है जो समय के साथ और अधिक मजबूत होता जा रहा है। जब किसी देश के राजनयिक विदेशी धरती पर मेजबान देश के सबसे सांस्कृतिक और पारिवारिक त्योहारों को इस अपनापन के साथ मनाते हैं, तो इससे दोनों देशों की जनता के बीच की दूरियां हमेशा के लिए मिट जाती हैं। भारत में इजरायली राजदूत और अन्य अधिकारियों ने कई बार यह बात कही है कि दोनों देशों की आत्मा एक जैसी है क्योंकि दोनों ही प्राचीन संस्कृतियों के वाहक हैं और आधुनिक दुनिया की चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम ने एक बार फिर से इस बात पर मुहर लगा दी है कि भारत और इजरायल की दोस्ती अब कूटनीतिक दायरे से निकलकर सीधे आम नागरिकों और पारिवारिक भावनाओं तक पहुंच चुकी है, जो भविष्य में इस रिश्ते को और अधिक अमर बनाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और जनता का जबरदस्त रिएक्शन
इजरायली दूतावास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की गई रक्षाबंधन की इन खूबसूरत तस्वीरों और वीडियो ने इंटरनेट पर आते ही तहलका मचा दिया है। भारत के आम नागरिकों से लेकर बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों ने इन तस्वीरों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इजरायली अधिकारियों की इस पहल की भूरी-भरी प्रशंसा की है। लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि यह दुनिया की सबसे बेहतरीन और मजबूत कूटनीति है, जहां सरकारें तो हाथ मिलाती ही हैं, साथ ही दिल भी आपस में जुड़ जाते हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि ‘भाई-बहन जैसे भारत-इजरायल के रिश्ते’ अब इस धरती पर अटूट विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुके हैं। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन दोनों देशों के बीच आपसी पर्यटन, छात्र आदान-प्रदान और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने में एक उत्प्रेरक का काम करते हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी इस अनोखी दोस्ती को हमेशा याद रखेंगी।
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