
विश्व युवा कौशल दिवस के खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के करोड़ों युवाओं के नाम ‘योगी की पाती’ शीर्षक से एक बेहद भावनात्मक और प्रेरणादायी संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री का यह पत्र उत्तर प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा, उनकी उद्यमशीलता और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी को समर्पित है। एक रिपोर्टर के नजरिए से अगर इस पत्र के मुख्य संदेशों का विश्लेषण करें, तो सीएम योगी ने इसके जरिए राज्य के युवाओं को कुशल बनाकर उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ और आर्थिक महाशक्ति बनाने का एक मजबूत और स्पष्ट विजन सामने रखा है।
‘युवा शक्ति ही नए उत्तर प्रदेश की असली पहचान’
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र की शुरुआत युवाओं की असीमित क्षमता को नमन करते हुए की है। उन्होंने लिखा कि आज का उत्तर प्रदेश अपनी पुरानी रूढ़िवादी पहचान को पीछे छोड़कर एक युवा, ऊर्जावान और प्रगतिशील राज्य के रूप में दुनिया के सामने खड़ा है। सीएम योगी के मुताबिक, राज्य के युवाओं में वह सामर्थ्य है जो न सिर्फ अपने जीवन को बदल सकते हैं, बल्कि पूरे देश को एक नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले (Job Seekers) न बनें, बल्कि अपने भीतर के हुनर को पहचानकर नए स्टार्टअप्स और उद्यमों के जरिए नौकरी देने वाले (Job Creators) के रूप में आगे आएं।
कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
‘योगी की पाती’ में राज्य सरकार द्वारा युवाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं और उपलब्धियों का भी प्रमुखता से जिक्र किया गया है, जिसके तहत युवाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है:
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मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: युवाओं को बिना किसी रुकावट के अपने छोटे और मध्यम उद्योग शुरू करने के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन: प्रदेश के हर जिले में युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार (जैसे एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल मार्केटिंग) तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि उन्हें तुरंत रोजगार मिल सके।
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टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण: युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और डिजिटल डिवाइड को खत्म करने के लिए सरकार करोड़ों छात्रों को मुफ्त गैजेट्स बांट रही है।
कानून-व्यवस्था और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर
सीएम योगी ने पत्र में इस बात को भी मजबूती से रेखांकित किया है कि राज्य में युवाओं को तरक्की के समान अवसर देने के लिए एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल तैयार किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है, जहां मेधावी युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर ही सरकारी और निजी क्षेत्रों में नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में युवाओं को आश्वासन दिया कि उनकी प्रगति के हर मोड़ पर राज्य सरकार एक मजबूत साथी की तरह उनके साथ खड़ी है और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का सपना इन्हीं युवाओं के कंधों पर टिका है।
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