
UP News In Hindi: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए जा रहे विशेष विद्युत उपभोक्ता शिविरों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। योगी सरकार की पहल के तहत प्रदेशभर में चल रहे इन शिविरों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि महज 11 दिनों में दर्ज शिकायतों में से 89.35 फीसदी मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विद्युत विभाग की ओर से उपभोक्ताओं की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर जल्द और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के लिए 1 अगस्त से विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। ये शिविर 31 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न विद्युत वितरण निगमों में खंड और उपखंड स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
5,065 बिजली शिविरों में पहुंचे करीब 51 हजार उपभोक्ता
1 अगस्त से 11 अगस्त 2026 के बीच प्रदेशभर में कुल 5,065 विशेष विद्युत उपभोक्ता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 50,995 उपभोक्ता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। विभाग के मुताबिक कुल 47,757 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 42,672 मामलों का समाधान किया जा चुका है। इस तरह शिकायतों के निस्तारण की दर 89.35 प्रतिशत रही।
इन शिविरों का उद्देश्य बिजली बिल, मीटर, टैरिफ, मोबाइल नंबर अपडेट और ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित शिकायतों को उपभोक्ताओं के नजदीक ही दूर करना है, ताकि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार विद्युत कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बिल संशोधन के मामलों में भी सामने आई स्थिति
शिविरों में बिजली बिल संशोधन से जुड़े मामलों की भी जांच की गई। स्मार्ट और नॉन-स्मार्ट मीटर से संबंधित बिल संशोधन के मामलों में कुल 34.37 प्रतिशत प्रकरण ऐसे मिले, जिनमें बिल नियमानुसार सही था और उसमें संशोधन की जरूरत नहीं थी।
स्मार्ट मीटर से जुड़े 7,334 आवेदन शिविरों में आए। जांच के बाद 3,320 मामलों में बिल सही पाया गया, जबकि 3,348 मामलों में नियमों के मुताबिक बिल में संशोधन किया गया।
वहीं, नॉन-स्मार्ट मीटर से संबंधित 15,451 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 4,511 मामलों में बिल सही मिला और किसी संशोधन की जरूरत नहीं पड़ी। इसके अलावा 9,761 मामलों में बिजली बिल को संशोधित किया गया।
खराब मीटर बदलने और टैरिफ से जुड़े मामलों का भी निस्तारण
विशेष शिविरों में खराब मीटर से जुड़ी शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई। खराब मीटर बदलने के लिए आए 4,745 मामलों में से 3,089 मीटर बदले जा चुके हैं। इससे उन उपभोक्ताओं को राहत मिली है, जो खराब मीटर की वजह से बिजली बिल या आपूर्ति से संबंधित परेशानी का सामना कर रहे थे।
टैरिफ परिवर्तन से जुड़े 2,099 आवेदन भी शिविरों में आए। इनमें 1,870 मामलों में श्रेणी परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
मोबाइल नंबर और ई-मेल अपडेट के 95 फीसदी से ज्यादा अनुरोध निपटे
बिजली उपभोक्ताओं की सुविधाओं को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने के लिए मोबाइल नंबर और ई-मेल अपडेट से संबंधित शिकायतों को भी प्राथमिकता दी गई। शिविरों में इस तरह के कुल 12,537 अनुरोध प्राप्त हुए, जिनमें से 11,931 का निस्तारण कर दिया गया।
इसी तरह मोबाइल ऐप से संबंधित 5,194 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 4,842 मामलों का समाधान किया गया। मोबाइल ऐप से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की दर 93.22 प्रतिशत रही।
लंबित शिकायतों पर भी विभाग की नजर
विद्युत विभाग का फोकस केवल नई शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं है। शिविरों में पहले से लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर ही अपनी बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान मिल सके।
उपभोक्ता इन विशेष शिविरों के अलावा टोल-फ्री नंबर 1912, चैटबॉट और ऑनलाइन माध्यमों से भी बिजली से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। विभाग के मुताबिक पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के साथ उपभोक्ताओं को आसान तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बिजली उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर राहत देने की कवायद
योगी सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिजली से जुड़ी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को सरल बनाना है। शिविरों में एक ही स्थान पर बिल, मीटर, टैरिफ, संपर्क विवरण और डिजिटल सेवाओं से संबंधित समस्याओं को सुना जा रहा है। शुरुआती 11 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में शिकायतों का समाधान मौके पर या निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा चुका है।
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