
मेडिकल जगत से एक बेहद हैरान और डराने वाली खबर सामने आ रही है। आरोप है कि नामी मेदांता अस्पताल में अगर आप डॉक्टरों की लापरवाही पर सवाल उठाते हैं, तो आपको न्याय की जगह कानूनी धमकियां मिल सकती हैं। बताया जा रहा है कि रोमा प्रधान और अमित अग्रवाल डॉक्टर अपनी गलती मानने के बजाय मरीजों के बेबस परिजनों को ही फर्जी मुकदमों में फंसाने की खुलेआम धमकी दे रहे हैं।
मरीजों की आवाज दबाने की कोशिश
तीमारदारों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि वे अपनों की जान बचाने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहाते हैं। लेकिन जब इलाज में किसी भी तरह की कमी या कोताही होने पर वे जवाब मांगते हैं, तो उनकी आवाज को पुलिस और झूठे मुकदमों का डर दिखाकर दबा दिया जाता है। अस्पताल के भीतर इस तरह के कथित तानाशाही रवैये ने स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन से सख्त एक्शन की गुहार
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवारों और आम जनता ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य मंत्रालय से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मरीजों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। अब देखना यह है कि सिस्टम इन रसूखदार डॉक्टरों के खिलाफ जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
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