
मानसून का मौसम अपने साथ सुहाना मौसम और राहत लेकर आता है, लेकिन इसके साथ ही यह अपने साथ कई तरह की मौसमी बीमारियां, वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और बदन दर्द जैसी समस्याएं भी लाता है। ऐसे में थोड़ी सी भी तकलीफ होने पर लोग अक्सर खुद डॉक्टर बनकर मेडिकल स्टोर से ओवर-द-काउंटर पेनकिलर (दर्द निवारक दवाएं) खरीदकर खा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून के दौरान बुखार में पेनकिलर लेना आपकी सेहत, खासकर आपकी किडनी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है?
डिहाइड्रेशन और पेनकिलर का खतरनाक कॉम्बिनेशन
नेफ्रोप्लस के कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जाविद ताहिर के अनुसार, मानसून के दिनों में वायरल बुखार, उल्टी-दस्त और कम पानी पीने की वजह से शरीर अक्सर डिहाइड्रेटेड (Dehydrated) हो जाता है। ऐसे में जब कोई व्यक्ति पेनकिलर का सेवन करता है, तो यह शरीर और किडनी पर अत्यधिक दबाव डालता है। खासकर जब डेंगू, मलेरिया या अन्य वायरल संक्रमणों का खतरा चरम पर हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेना किडनी के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाइयां (NSAIDs) हैं नुकसानदायक
इबुप्रोफेन (Ibuprofen), डाइक्लोफेनाक (Diclofenac), नेप्रोक्सेन (Naproxen) और एस्पिरिन जैसी नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाइयां (NSAIDs) शरीर के दर्द को तो तुरंत कम कर देती हैं, लेकिन ये किडनी में रक्त के प्रवाह (Blood Flow) को धीमा कर देती हैं, जिससे किडनी के ऊतकों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, डेंगू जैसी बीमारियों में इन दवाओं के सेवन से ब्लीडिंग (खून बहने) का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है।
पैरासिटामोल लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?
आकाश हेल्थकेयर मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल (द्वारका) के नेफ्रोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अनुपम रॉय का कहना है कि डॉक्टरों द्वारा सामान्यतः बुखार और बदन दर्द में पैरासिटामोल (Paracetamol) लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसमें भी सही खुराक (Dosage) का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
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अन्य दवाओं से सावधानी: कई बार लोग सर्दी-जुकाम की कंबाइंड दवाइयां लेते हैं, जिनमें पहले से ही पैरासिटामोल मौजूद होता है। ऐसे में दोबारा अलग से पैरासिटामोल लेने से ओवरडोज का खतरा हो जाता है।
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पुरानी बीमारियां: जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या कोई क्रॉनिक किडनी डिसीज (CKD) है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना कभी भी पेनकिलर नहीं खानी चाहिए।
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पर्याप्त पानी पिएं: दवा लेने के साथ-साथ शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
किन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि बुखार के दौरान शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो भूलकर भी पेनकिलर न लें और तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श करें:
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यूरिन (पेशाब) का बहुत कम आना
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चेहरे या शरीर पर सूजन आना, साथ में उल्टी होना
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अत्यधिक गंभीर थकान और कमजोरी महसूस होना
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চक्कर आना या भ्रम की स्थिति पैदा होना
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सांस लेने में तकलीफ होना
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