
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर जुबानी जंग छिड़ गई है। सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक विवादित बयान ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उनके इस बयान के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं और मौलानाओं की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति के और गरमाने के पूरे आसार हैं।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान
लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों की कार्यप्रणाली और वहां दी जाने वाली तालीम को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि मदरसों में देश विरोधी और वैचारिक रूप से कट्टरता की शिक्षा दी जाती है, जिससे कहीं न कहीं आतंकवाद जैसी ताकतों को बढ़ावा मिलता है। उनके इस बयान के सामने आते ही मीडिया में यह मुद्दा छा गया और राजनीतिक दलों के बीच बहस छिड़ गई।
मौलानाओं ने दी कड़ी नसीहत और पलटवार
डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद प्रमुख मौलानाओं और मुस्लिम संगठनों ने तीखा ऐतराज जताया है। मौलानाओं ने पलटवार करते हुए कहा कि मदरसे हमेशा से देश की आजादी की लड़ाई में और तालीम के प्रसार में अहम भूमिका निभाते आए हैं। उन्होंने नसीहत दी कि संवैधानिक पदों पर बैठे जिम्मेदार नेताओं को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए, जिससे समाज में आपसी सौहार्द बिगड़े। धर्मगुरुओं ने साफ कहा कि कुछ संस्थानों की कमियों के आधार पर पूरे मदरसा बोर्ड या शिक्षा पद्धति को बदनाम करना गलत है।
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