भड़ली नवमी आज: बिना मुहूर्त देखे किए जा सकेंगे सभी शुभ कार्य, जानिए महत्व और खरीदारी का सही समय

हिंदू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी भड़ली नवमी बेहद धूमधाम से मनाई जा रही है। साल 2026 में 22 जुलाई यानी बुधवार के दिन पड़ रही भड़ली नवमी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इसे ‘भड़रिया नवमी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन साल के सबसे बड़े अबूझ मुहूर्तों में से एक माना जाता है, जिसका अर्थ है कि बिना किसी पंचांगीय बाधा या मुहूर्त की चिंता किए बिना आज के दिन सभी तरह के मांगलिक कार्य और खरीदारी बिना किसी रुकावट के संपन्न की जा सकती है।

नवमी तिथि और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल नवमी तिथि की शुरुआत 22 जुलाई को देर रात 01 बजकर 46 मिनट पर हो चुकी है और इसका समापन 23 जुलाई को सुबह 03 बजकर 33 मिनट पर होगा। उदया तिथि के प्रभाव के कारण भड़ली नवमी का यह पावन पर्व आज यानी 22 जुलाई को ही मनाया जा रहा है। भड़ली नवमी के ठीक बाद देवशयनी एकादशी आती है जिसके साथ ही चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है और अगले चार महीनों के लिए मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। यही वजह है कि चातुर्मास से ठीक पहले आने वाली भड़ली नवमी को शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए अंतिम और सबसे उत्तम दिन माना जाता है।

भड़ली नवमी का महत्व और पूजा-विधि

सनातन परंपरा में भड़ली नवमी को एक अत्यंत ही पवित्र और शुभ तिथि माना गया है। जिन लोगों के विवाह के लिए सालभर में कोई अन्य अनुकूल मुहूर्त नहीं निकल पाता, वे अक्सर इसी अबूझ मुहूर्त के दिन विवाह के बंधन में बंधते हैं। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी के साथ-साथ देवों के देव महादेव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस विशेष दिन पर व्रत और पूजन करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और अपार आर्थिक संपन्नता की प्राप्ति होती है।

खरीदारी और पूजा के लिए आज के शुभ मुहूर्त

आज के दिन यदि आप किसी नई वस्तु, वाहन, प्रॉपर्टी या सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी करना चाहते हैं, तो इसके लिए कई बेहतरीन और शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। पंचांग के अनुसार, आज खरीदारी के लिए अमृत काल सुबह 09:56 बजे से लेकर सुबह 11:41 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दोपहर बाद विजय मुहूर्त शाम 04:32 बजे से शाम 05:34 बजे तक रहेगा और शाम 07:33 बजे से पूरी रात के लिए अत्यंत शुभ ‘रवि योग’ भी प्रभावी रहेगा, जो आपके हर नए कार्य को सफल बनाएगा।

इस दिन क्या करें और क्या नहीं

चूंकि आज गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन भी है, इसलिए भड़ली नवमी के अवसर पर कन्या पूजन करना और जरूरतमंदों या गरीबों को दान देना बेहद पुण्य का काम माना जाता है। आज के दिन आप बिना किसी संकोच के नया वाहन, नया घर या भूमि की खरीदारी, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे सभी संस्कार पूरे कर सकते हैं। यह दिन आपके जीवन में सकारात्मकता और नई शुरुआत का बड़ा अवसर लेकर आया है।