
डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई (UPI) के दौर में गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर होने के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई बार किसी की एक छोटी सी टाइपिंग मिस्टेक की वजह से आपके बैंक अकाउंट में अचानक हजारों या लाखों रुपये क्रेडिट हो जाते हैं। ऐसे में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि क्या आपके खाते में आए इन पैसों के असली मालिक आप हैं? कानून और बैंकिंग नियमों के मुताबिक, खाते में गलती से आए पैसों पर आपका कोई कानूनी अधिकार नहीं होता। भले ही रकम आपके खाते में दिख रही हो, लेकिन उसका वास्तविक मालिक वही व्यक्ति या संस्थान है जिसके खाते से वह पैसा ट्रांसफर हुआ है।
आरबीआई (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी दूसरे व्यक्ति के पैसे को बिना इजाजत इस्तेमाल करना या रोकना गैर-कानूनी है। इसे बैंकिंग भाषा में ‘अनइन्टेंडेड क्रेडिट’ (Unintended Credit) या गलत ट्रांसफर कहा जाता है।
खाते में आए पैसों को खर्च करना पड़ सकता है महंगा, जानिए क्या है कानून
अगर आप सोचते हैं कि खाते में गलती से आए पैसों को निकालकर खर्च कर लिया जाए और किसी को पता नहीं चलेगा, तो यह आपकी बहुत बड़ी भूल साबित हो सकती है। भारतीय न्याय संहिता और बैंकिंग कानूनों के तहत दूसरे के पैसों का अनाधिकृत इस्तेमाल करना एक दंडनीय अपराध है। इसे आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) और गैर-कानूनी संपत्ति पर कब्जे की श्रेणी में रखा जाता है।
बैंक के पास यह पूरा अधिकार होता है कि वह गलत ट्रांसफर की सूचना मिलने पर आपके खाते पर होल्ड (Freeze/Hold) लगा दे। यदि आप पैसे लौटाने से इनकार करते हैं या उन्हें खर्च कर देते हैं, तो मूल खाताधारक आपके खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज करा सकता है और बैंक आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
बैंक अकाउंट में गलती से पैसे आ जाएं तो तुरंत करें ये 4 सबसे जरूरी काम
अगर आपके बैंक खाते में गलती से कोई अज्ञात रकम जमा हो जाती है, तो खुद को किसी भी कानूनी पचड़े और साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए आपको तुरंत निम्नलिखित 4 कदम उठाने चाहिए:
1. तुरंत अपने बैंक को सूचित करें
पैसे क्रेडिट होते ही बिना कोई देरी किए अपनी बैंक शाखा (Home Branch) या कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करें। बैंक को लिखित या डिजिटल माध्यम से सूचित करें कि आपके खाते में एक अज्ञात राशि जमा हुई है जिसके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है।
2. रकम को बिल्कुल भी खर्च न करें
खाते में आए पैसों में से एक रुपया भी न निकालें और न ही किसी अन्य खाते में ट्रांसफर करें। उस रकम को खाते में ही सुरक्षित रहने दें। यदि आप वह पैसा खर्च कर देते हैं, तो बैंक आपसे रिकवरी की मांग करेगा और आपको ब्याज सहित पूरी रकम चुकानी पड़ सकती है।
3. अज्ञात कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
अक्सर साइबर ठग ‘गलत ट्रांसफर’ का बहाना बनाकर लोगों को कॉल करते हैं और पैसे वापस मांगने के नाम पर लिंक या यूपीआई पिन दर्ज करने को कहते हैं। अगर कोई व्यक्ति फोन करके कहे कि उसने गलती से आपके खाते में पैसे भेज दिए हैं, तो उसे सीधे पैसे वापस भेजने के बजाय कहें कि वह अपने बैंक के जरिए आधिकारिक प्रक्रिया (Official Banking Channel) से पैसे वापस ले।
4. ट्रांजैक्शन डिटेल्स और रिफरेंस नंबर सुरक्षित रखें
आपके पास आए पैसे का एसएमएस (SMS), यूटीआर नंबर (UTR Number) और ट्रांजैक्शन आईडी (Transaction ID) सुरक्षित रख लें। बैंक में रिपोर्ट दर्ज कराते समय यह जानकारी सबूत के तौर पर काम आती है और आपको किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचाती है।
अगर आपके पैसे गलती से किसी और के खाते में चले जाएं तब क्या करें?
दूसरी तरफ, यदि आपने गलती से किसी गलत बैंक अकाउंट या यूपीआई आईडी में पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आरबीआई के नियमों के अनुसार, गलत ट्रांसफर होने पर तुरंत अपने बैंक के नोडल अधिकारी (Nodal Officer) से संपर्क करें। बैंक उस व्यक्ति के बैंक से संपर्क करके उसकी सहमति से आपके पैसे वापस कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा। यदि प्राप्तकर्ता पैसे लौटाने से मना करता है, तो आप बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) या कंज्यूमर कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
डिजिटल ट्रांजैक्शन करते समय हमेशा खातेदार का नाम, अकाउंट नंबर और आईएफएससी (IFSC) कोड दो बार जांच लेना ही समझदारी है।
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